File Photo
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता विश्व शर्मा अपने बयान और ऐलान से चर्चा में जरूर रहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने ऐलान किया कि असम अपनी खुद की सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इस मिशन को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने असम का दौरा भी किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि इस सैटेलाइट की मदद से सरकार को कई अहम जानकारियां मिलेंगी, जिससे अवैध प्रवासियों या बांग्लादेशियों की पहचान, बाढ़ की भविष्यवाणी और कृषि को होने वाले नुकसान का आकलन करना संभव होगा। इसके अलावा, सरकारी विकास परियोजनाओं की निगरानी भी आसान हो जाएगी। असल में डॉ. शर्मा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर चर्चा हो चुकी है और इस साल ही इसका मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग एमओयू साइन होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बांग्लादेश से घुसपैठ करता है तो हमें इसकी जानकारी सीधे कंट्रोल रूम में मिलेगी जिससे उसे तुरंत पकड़ना संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सैटेलाइट डेटा की मदद से सरकार यह जांच कर सकेगी कि सड़कें और बांध सही तरीके से बनाए जा रहे हैं या नहीं। इससे सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक खर्चों में कटौती होगी।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अभी की स्थिति में कई बार बिना वजह अच्छी स्थिति वाली सड़कों को फिर से बनाया जाता है जिससे सरकारी धन की बर्बादी होती है। लेकिन अगर हमारे पास खुद का सैटेलाइट होगा तो हम पहले से ही यह तय कर पाएंगे कि किस परियोजना पर कब और कितना खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार का खर्चा काफी हद तक कम हो जाएगा और संसाधनों का सही इस्तेमाल किया जा सकेगा.बताया गया कि इस योजना से असम को कई फायदे होंगे।
बाढ़ की पूर्व चेतावनी मिलने से राहत और बचाव कार्य को समय पर अंजाम दिया जा सकेगा। इसके अलावा किसानों को भी प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की सटीक जानकारी मिलेगी। डॉ. शर्मा ने बताया कि ISRO और असम सरकार के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। ANI Input