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वक्फ संशोधन विधेयक पर लगभग 12 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा के बाद लोकसभा में इसे पारित किया गया। वोटिंग के दौरान विपक्ष के सांसदों के संशोधन को खारिज कर दिया गया। बिल को पास कराने के लिए 272 वोटों की जरूरत थी, जबकि बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े। विपक्ष में 232 वोट पड़े. इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे बुधवार (02 अप्रैल, 2025) को लोकसभा में पेश किया था। अब इसे गुरुवार (03 अप्रैल, 2025) को राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
जानें बड़ी बातें-
1. लोकसभा में बिल पारित होने के बाद राज्यसभा में वक्फ बिल पर एक बजे से चर्चा शुरू होगी। कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी, नासिर हुसैन, इमरान प्रतापगढ़ी बोलेंगे। टीएमसी से नदीमुल हक, सुष्मिता देव पक्ष रखेंगे। बीजेपी की तरफ से राज्यसभा में करीब 6-8 स्पीकर रहेंगे, जिनमें सुधांशु त्रिवेदी, बृजलाल, मेघा कुलकर्णी, शमिक भट्टचार्य, राधा मोहन दास अग्रवाल और गुलाम अली जैसे नाम शामिल हैं।
2. किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल को असंवैधानिक कहने पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पार्टियों को ‘असंवैधानिक’ जैसे शब्दों का प्रयोग यूं ही नहीं करना चाहिए। अपने ही देश को गाली देना गलत है और आने वाली पीढ़ियां इसके लिए आपको कभी माफ नहीं करेंगी।
3. किरेन रिजिजू ने असदुद्दीन ओवैसी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न मुद्दे उठाए और आरोप लगाया कि मुसलमानों के लिए, वक्फ में मुसलमानों के बच्चों के लिए प्रावधान किया जा रहा है. हिंदुओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हिंदुओं के लिए पहले से ही प्रावधान है. इस पर कोई और कानून बनाने की जरूरत नहीं है। ”
4. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर सरकार पर हमला करते हुए इसे देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक पर हमला बताया। उन्होंने लोकसभा में चल रही बहस के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक की प्रति फाड़ दी।
5. जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद ने कहा कि बीजेपी के बारे में दुनिया को पता है कि वो मुसलमानों को उनकी औकात याद दिलाती है, ये एक सच्चाई है और इसमें कोई दोराय नहीं है लेकिन कांग्रेस का ताल्लुक है तो ये सेक्युलरिज्म के मीठे रस में डालकर खंजर मुसलमानों के पीठ में घोंपती है। ये भी एक सच्चाई है।
6. जगदंबिका पाल ने कहा कि इस बिल में 44 संशोधन लेकर आए, चाहते तो बहुमत के साथ लोकसभा और राज्य सभा में पास करवा सकते थे. इस JPC ने 38 बैठकें की। जेपीसी एक साल में 24-25 बैठक ही हो पाती हैं। ओवैसी ने बिल फाड़ने का काम किया है। असंवैधानिक काम तो उन्होंने किया जो बिल फाड़ने का काम किया है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण विधेयक है।
7. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में सिर्फ 8 महिलाएं थी, अब मैनेडेट हो गया कि हर वक्फ बोर्ड में दो महिला सदस्य होंगी। सच्चर रिपोर्ट में कहा गया था कि बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्य होंगे। उसको लागू करने का काम किया। जैसे आपने स्वामीनाथन की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डालने का काम किया था, हमारी सरकार ने इसको लागू करने का काम किया।
8. राहुल गांधी ने कहा, “वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों और संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है। आरएसएस, बीजेपी और उनके सहयोगियों की ओर से संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर लक्षित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है। कांग्रेस पार्टी इस कानून का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है। ”
9. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड के पास रेलवे के बराबर लाखों एकड़ भूमि है, लेकिन आय केवल 126 करोड़ है। धारा 370, CAA, राम मंदिर – हर मुद्दे पर विपक्ष ने अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश की, लेकिन आज तक कुछ भी नहीं हुआ। मोदी सरकार में देश के किसी भी नागरिक को, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, कोई आँच नहीं आएगी।
वक्फ बोर्ड पर कड़ा कानून लाने की लालू प्रसाद जी की इच्छा मोदी जी पूरी कर रहे हैं। कांग्रेस ने वर्ष 2013 में रातों-रात वोट बैंक के उद्देश्य से वक्फ कानून को अत्यंत एक्सट्रीम बना दिया। दिल्ली के लुटियंस की 123 संपत्तियाँ चुनाव से मात्र 25 दिन पहले वक्फ को सौंप दी गईं। वक्फ के नाम पर जिस गरीब की जमीन हड़प ली जाती थी, कांग्रेस ने उससे कोर्ट जाने का अधिकार भी छीन लिया था। हम उसको कोर्ट जाने का अधिकार दे रहे हैं।
