घुंघुर क्वारपार में स्थित घाट की तस्वीर
सिलचर में भी चैती छठ पर घाटों पर पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ पहुंची। चैत्र नवरात्रि के दिनों में चैत्री छठ का पर्व मनाया जाता है। देवी दुर्गा की पूजा और रामनवमी को लेकर चल रही तैयारियों के बीच चैती छठ के लिए लोग नदी, तालाबों के घाटों पर पहुंचे और अर्घ्य दिया।
चैती छठ महापर्व सिलचर, कछार जिले के विभिन्न इलाकों सहित बराक घाटी में कई क्षेत्रों में मनाया जाता है। पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। एनआईटी, शिलकुड़ी के आस – पास इलाकों में भी चैती छठ मना। घुंघुर क्वारपार में स्थित घाट पर जबरदस्त भीड़ हुई है। व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया। चार दिवसीय इस महापर्व के तीसरे दिन गुरुवार को व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य देकर परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। मौके पर व्रतियों ने नदियों, तालाबों व अपने आवासीय परिसर में बनाए गये पोखर के जल में खड़े होकर भगवान सूर्यदेव की पूजा अर्चना की।
नये वस्त्र धारण किये व्रती अपने हाथ में सूप लेकर भगवान भास्कर देव की अर्चना की। गौरतलब है कि चैती छठ महापर्व का प्रारंभ एक मार्च को नहाय खाय के साथ हुई थी। पर्व के दूसरे दिन बुधवार को खरना पूजा किया गया। जिसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का उपवास प्रारंभ हो गया। शुक्रवार की सुबह महापर्व के चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व संपन्न हो जायेगा। छठ पूजा को लेकर श्रद्धालु के परिवार एवं छठ घाटों पर माहौल भक्तिमय बना हुआ है।