उत्तर–पूर्व का बढ़ाया गौरव
उत्तर–पूर्व की धरती से उठी एक किरण ने आज पूरे राष्ट्र को आलोकित कर दिया। केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी श्रीकोना ने अपनी अभूतपूर्व उपलब्धि से न केवल असम, बल्कि समूचे उत्तर–पूर्व भारत का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है।संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित 35वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता (2024–25) में इस विद्यालय ने देशभर के 175 केंद्रीय विद्यालयों और 10,000 से अधिक प्रतिभागियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय की टीम को 29 अगस्त 2025 को संसद भवन परिसर स्थित जी.एम.सी. बालयोगी सभागार, नई दिल्ली में आयोजित भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया। विद्यालय को प्रतिष्ठित”सरदार वल्लभभाई पटेल रनिंग शील्ड”एवं राष्ट्रीय ट्रॉफी प्रदान की गई — यह सम्मान उस उत्कृष्टता का प्रतीक है जो प्रतिबद्धता, दृष्टिकोण और सामूहिक प्रयास से अर्जित होती है।
इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत युवा संसद की पुनः प्रस्तुति ने उपस्थित सभी गणमान्यों को न केवल भाव विभोर कर दिया, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की जीवंत प्रस्तुति के माध्यम से एक सांस्कृतिक-सांविधानिक उत्सव भी रच दिया।प्रस्तुति की सबसे प्रेरणादायक बात रही कि यह मुख्यतः हिंदी में आयोजित थी, जिसने उत्तर–पूर्व भारत में राजभाषा हिंदी के सशक्त प्रचार-प्रसार का संदेश पूरे देश को दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, माननीय सांसद (लोकसभा)सुश्री बांसुरी स्वराज ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति को “भारत के लोकतंत्र के भविष्य की झलक” बताते हुए मुक्तकंठ से प्रशंसा की। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य श्री संदीप कुमार शर्मा द्वारा तैयार की गई स्क्रिप्ट की “कल्पनाशीलता, समकालीनता और भावप्रवणता” के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह लेखन केवल संवाद नहीं, सजग नागरिकता की संकल्पकथाहै।
उन्होंने राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रम, लैंगिक वेतन असमानता, और सतत विकास लक्ष्यों जैसे समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों की वैचारिक गहराई और प्रस्तुति को राष्ट्र के भावी नेतृत्व का प्रमाणकहा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना — समग्र विकास, आलोचनात्मक चिंतन और सहभागी लोकतंत्र का सजीव उदाहरण बताया। इस गरिमामयी अवसर पर विशिष्ट अतिथि के.एन. श्रीवास्तव (निदेशक, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर) तथा विशेष आमंत्रित अतिथि सुश्री चाँदना मंडल (अपर आयुक्त, के.वि.स.) मंच पर उपस्थित रहे।
संसदीय कार्य मंत्रालय के अपर सचिव डॉ.सत्यप्रकाश ने स्वागत भाषण दिया, जबकि श्री ए.बी. आचार्य, निदेशक, संसदीय कार्य मंत्रालय ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। समारोह में विद्यार्थियों कीशब्द–सम्पदा, वैचारिक परिपक्वता और मंचीय गरिमा लोकतंत्र के आदर्शों को सजीव कर दिया। यह न केवल प्रतियोगिता का पुरस्कार समारोह था, बल्कि यह भारत की युवा पीढ़ी के उज्जवल लोकतांत्रिक भविष्य का उत्सवथा।
विद्यालय ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपने समर्पित शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ-साथ केवीएस क्षेत्रीय कार्यालय सिलचर के उपायुक्त पी.आई.टी. राजा, सहायक आयुक्त ए.के. सीत, तथा प्राचार्य संदीप कुमार शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रतियोगिता प्रभारी श्रीमती देविका नौग दत्ता के मार्गदर्शन को दिया। लगभग 500 विद्यार्थियों वाले एकल वर्ग विद्यालय की यह बड़ी जीत इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिष्ठा आकार से नहीं, बल्कि संकल्प, दृष्टिकोण और समर्पण से अर्जित होती है।


