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मेघालय विधानसभा में बजट पेश किया गया। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बजट में कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,970 करोड़ रुपये का घाटे का बजट पेश किया। बजट में 10वीं पास विद्यार्थियों को 6,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने की घोषणा की गई। संगमा ने राज्य विधानसभा में अगले वित्त वर्ष के लिए 1,970 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।
यह बजट मेघालय के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 66,645 करोड़ रुपये का लगभग 2.96 प्रतिशत है। यह वर्ष 2028 तक 10 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के अनुरूप है। बजट दस्तावेज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल प्राप्तियां 30,415 करोड़ रुपये अनुमानित हैं जिनमें से राजस्व प्राप्तियां 25,591 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्तियां 14,324 करोड़ रुपये हैं। संगमा ने अगले वित्त वर्ष में कुल व्यय 30,003 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाते हुए कहा कि राजस्व व्यय 20,556 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय 9,447 करोड़ रुपये रह सकता है।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए ब्याज भुगतान 1,347 करोड़ रुपये और पेंशन भुगतान 1,824 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने 10वीं पास कर आगे की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए 6,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने की भी बजट घोषणा की। यह राशि अगले वित्त वर्ष से 80,000 से अधिक छात्रों को दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘2023-26 की अवधि के लिए वार्षिक वृद्धि दर 12.7 प्रतिशत है और हम 2028 तक 10 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करने को लेकर निश्चित हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय का अपना कर राजस्व चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 4,041 करोड़ रुपये हो गया है, जो 2017-18 के 1,450 करोड़ रुपये का लगभग तीन गुना है। मुख्यमंत्री कोनराड ने कहा कि सभी विषयों को सामने रखकर बजट बनाया गया है। बजट में सबके हितों का ख्याल रखा गया है। मुख्यमंत्री विस सदन में अपना आठवां लगातार बजट पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट सरकार की नीतियों और विकासात्मक प्राथमिकताओं पर सबसे व्यापक वक्तव्य होता है।
इस वर्ष का बजट बनाने का कार्य कई मायनों में विशेष है। राज्य के नागरिकों, नेताओं, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ औपचारिक बजट-पूर्व परामर्श के माध्यम से नागरिक भागीदारी को आमंत्रित किया। इस सहभागिता ने समाज के विभिन्न वर्गों की आशाओं, सपनों और आकांक्षाओं के बारे में मेरी समझ को समृद्ध किया और बजट बनाने की प्रक्रिया को मजबूत किया। सरकार ने 2032 के लिए राज्य के विजन दस्तावेज को भी सार्वजनिक डोमेन में रखा है और पिछले छह महीनों में क्षेत्रीय और क्षेत्रीय परामर्श आयोजित किए हैं।
अपनी जनता से 10 प्रतिबद्धताएं भी सुनिश्चित करने का मन बनाया है। मेघालय ने अपनी बहुआयामी गरीब आबादी में 4.8 प्रतिशत की कमी की। पारंपरिक सामुदायिक संस्थानों को मजबूत करने, नागरिकों में निवेश करने, प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी बनाने के सिद्धांतों पर बनाया गया है। नागरिकों और पारंपरिक संस्थानों में प्रत्यक्ष निवेश के मामले में हम देश के अग्रणी राज्यों में से एक हैं। वह बड़ी कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के निर्माण के लिए सहकारी समितियों को करोड़ों का निवेश, व्यवसाय स्थापित करने के लिए व्यक्तिगत उद्यमियों को करोड़ों का निवेश समर्थन और बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए समुदायों को अनुदान प्रदान कर रहे हैं।
ग्राम रोजगार परिषद और ग्राम स्वास्थ्य परिषद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और पीएम-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसे कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में राज्य के संस्थागत भागीदार हैं। उनका दृढ़ विश्वास है, 2032 तक मेघालय को एक विकसित राज्य बनाने की अपनी खोज में हासिल कर सकते हैं।
यह बजट विकास, रोजगार सृजन और नागरिक कल्याण में सुधार के लिए रूपरेखा प्रदान करेगा। असम और मेघालय को जोड़ने वाला 19 किलोमीटर लंबा प्रतिष्ठित धुबरी-फूलबारी पुल निर्माणाधीन है। अगले साल 1,241 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत फुलबारी से गोएराग्रे तक एनएच 127बी का निर्माण शुरू करेंगे।एनएचआईडीसीएल द्वारा कार्यान्वित तुरा-डालू रोड के साथ ये दो परियोजनाएं गारो पहाड़ियों में माल और लोगों की निर्बाध आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी।