- हिमंत सरकार क्यों दे रही असम की महिलाओं को 10,000 रुपये? इसके फायदे जान चौंक जाएंगे
असम सरकार ने मंगलवार को अपनी सबसे बड़ी महिला उद्यमिता सहायता योजना की शुरुआत की। जिसमें महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 10,000 रुपये का बीज पूंजी प्रदान किया जाएगा।
इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान’ है, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने बिश्वनाथ जिले के बेहाली में शुभांरभ किया और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के तीन मंत्री रंजीत कुमार दास, अशोक सिंघल और कौशिक राय भी मौजूद थे।
डॉ. शर्मा ने योजना के तहत पहले चेक सौंपने के बाद X पर एक पोस्ट में कहा कि “असम की सबसे बड़ी महिला उद्यमिता सहायता योजना शुरुआत की गई। 30 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।”
डॉ. शर्मा ने कहा कि “हमारी माताओं और बहनों के आशीर्वाद से, आज हमने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान की शुरुआत की, जिसमें महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 10,000 रुपये की बीज पूंजी प्रदान की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक बहु-स्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है, जो स्कूल से लेकर वृद्धावस्था तक है।
उन्होंने जोर दिया कि “मुफ्त प्रवेश, मुफ्त शिक्षा, ओरुनोदोई के माध्यम से आजीविका समर्थन, #MMMUA, वृद्धावस्था पेंशन और मुफ्त खाद्यान्न, हर कदम पर हम अपनी नारी शक्ति के साथ मजबूती से खड़े हैं।” डॉ. शर्मा ने कहा कि नई योजना के तहत सरकार पहले वर्ष में 10,000 रुपये की बीज पूंजी प्रदान करेगी, दूसरे वर्ष में बीज पूंजी के उत्पादक उपयोग पर 25,000 रुपये (12,500 रुपये ऋण और समान राशि सरकारी समर्थन के रूप में) और तीसरे चरण में 50,000 रुपये प्रदान करेगी। उन्होंने जोड़ा कि “इसके माध्यम से, हम अपने राज्य में सूक्ष्म-स्तरीय उद्यमिता को उत्प्रेरित करने का लक्ष्य रखते हैं।”