Saturday, April 18, 2026

आदिवासी संघ ने बराक घाटी की 7 विधानसभा सीटों पर आदिवासी एवं चाय जनगोष्ठी से उम्मीदवार उतारने और चाय बागान मजदूरों के लिए समान अधिकारों की मांग की

  • कछार जिले के सुबंग चाय बागान में की एक महत्वपूर्ण बैठक

बराक वैली आदिवासी संघ 11 दिसंबर को कछार जिले के सुबंग चाय बागान में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में चाय बागान मजदूरों के सामने आने वाली लगातार चुनौतियों पर चर्चा की गई। आदिवासी संघ के अध्यक्ष दिलीप पानिका ने मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर जोर दिया, और सत्तारूढ़ दल से बराक वैली की 7 विधानसभा सीटों पर आदिवासी एवं चाय जनगोष्ठी समाज से उम्मीदवार को उतारने की अपनी मांग दोहराई।

बराक वैली में 13 विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें सात सीटों पर आदिवासी एवं चाय जनगोष्ठी समाज से राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने की पुरजोर मांग की। आदिवासी संघ की कछार जिला समिति के अनुसार, सुबंग चाय बागान के नाच घर में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में मजदूर इकट्ठा हुए और उन्होंने महत्वपूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी और चाय बागानों में समग्र विकास की कमी जैसे पुराने मुद्दे शामिल थे। सभा को संबोधित करते हुए, आदिवासी संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि चाय बागान मजदूरों का लंबे समय से शोषण किया जा रहा है और समुदाय की शैक्षिक पिछड़ेपन का इस्तेमाल उन्हें विभिन्न सरकारी लाभों से दूर रखने के लिए किया गया है।

वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं पर भी जोर दिया, और सरकार से उनके संरक्षण और उत्थान को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। बैठक में 20 नवंबर को सरकार को सौंपे गए एक ज्ञापन पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें चाय बागान मजदूरों के लिए भूमि स्वामित्व अधिकारों, बराक वैली के मजदूरों के लिए ब्रह्मपुत्र वैली के मजदूरों के बराबर समान वेतन, और आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता देने की मांग की गई थी।

आदिवासी संघ के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की बागान मजदूरों को भूमि पट्टे देने की पहल को एक सकारात्मक कदम बताया, लेकिन यह भी कहा कि कई मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने घोषणा की कि संघ जल्द ही लंबित मुद्दों को लेकर सरकार से संपर्क करेगा। इसी समय, अधिकारियों ने आगामी चुनावों में बराक वैली के हर विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी एवं चाय जनगोष्ठी समाज से उम्मीदवारों की मांग दोहराई और सरकार से इस समुदाय के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि वर्तमान में बराक वैली में केवल एक विधायक है। पांच से छह और सीटों पर उनके समाज से राजनीतिक प्रतिनिधित्व होने से अपनी आवाज को विधानसभा में पहुंचा सकते है।

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