Sunday, April 19, 2026

शिलचर में अभाविप और टीएमसी कार्यकर्ता आ गए आमने – सामने, स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस के छूटे पसीने

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले  को लेकर था आंदोलन, फूंका दीदी का पुतला

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर शिलचर में प्रतिवाद करने सड़क पर उतरे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ( अभाविप ) के रोड मार्च के सामने तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों के आ जाने से हालात गरमा गए। अभाविप के आरोप अनुसार रोड मार्च समय तृणमूल के कुछ लोग बाधा उत्पन्न किया। फ़िलहाल इस दौरान परिस्थिति पूरी तरीके से असहज हो गया। दोनों दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। झड़प जैसी स्थिति बन गई।

दरअसल अभाविप का शहर के प्रेमतला से पार्क रोड की ओर पैदल काफिला निकला था। इसी मार्ग पर तृणमूल कांग्रेस का दफ्तर भी है। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ अभाविप के विरोध तथा नारेबाजी को देखते हुए तृणमूल के सदस्य पार्टी झंडा लेकर उनके ठीक सामने आ गए। तृणमूल के लोगों ने भी नारे लगाने लगे। भगवा छात्र संगठन पर निशाने पर लिए। अभाविप ने ममता बनर्जी का पुतला जलाने आगे आया तो तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने रोक दिया। तृणमूल कांग्रेस द्वारा इस कदम से अभाविप के कार्यकर्ता आक्रोश हो गए और नारेबाजी तेज कर दी।

अभाविप की युवतियों ने इसपर प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा उन्हें दुख और शर्म आती है कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना हुई, इसको लेकर विरोध करने की बजाय तृणमूल कांग्रेस के लोग उलटे उनके आंदोलन में बाधा डाल रहे हैं। तृणमूल के सदस्यों की मानसिकता पर सवाल खड़ा किया। कहा. एक युवती के साथ जो हुआ उसे न्याय मिले इसके पक्ष में बात न कर ममता सरकार की महिमा मंडन किया जा रहा।

पुलिस पर भी रोकने का आरोप लगाया गया। आंदोलन समय महिला पुलिस अभाव का भी जिक्र किया गया। अभाविप के कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक थी और उनके तीव्र विरोध की वजह से तृणमूल के लोग शांत हो गए। फिलहाल सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और काफी जतन बाद मौजूदा हालात पर काबू पाया। स्थिति और भी गरमा जाती। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुब्रत सेन और सदर थाना प्रभारी अमृत कुमार सिंह पहुंचे, स्थिति को संभाला।

अभाविप के कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिस ने पुतले को अपने कब्जे में ले लिया। अभाविप भी अड़ गया और पुतला छीनकर फूंका। अभाविप के विभाग संयोजक समर विजय ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा था, लेकिन टीएमसी के लोग बाधा उत्पन्न किया।

योगेश दुबे

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