- चाय बागानों के श्रमिकों से जुड़े कई मुद्दों को उठाया
भारतीय चाय मजदूर संघ ( बीसीएमएस), बराक घाटी इकाई के प्रतिनिधिमंडल गुवाहाटी में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और श्रम कल्याण मंत्री से मुलाकात कर बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों के कल्याण एवं विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों को उनके समक्ष रखा।

बीसीएमसी द्वारा उठाई गई निम्नलिखित मांगो में, बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों के लिए समान दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने, सभी चाय बागानों में घोषित संशोधित मजदूरी को तुरंत लागू करने, लोंगाई टी एस्टेट में संशोधित मजदूरी को शीघ्र लागू करने, सब-स्टाफ कर्मचारियों के वेतन का पुनरीक्षण एवं वृद्धि करने, अरुणोदय 4.0 योजना में 100 प्रतिशत चाय बागान श्रमिक परिवारों को शामिल करने तथा प्रत्येक परिवार से कम से कम दो लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया करने,चाय बागान श्रमिकों को भूमि पट्टा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने, चाय बागान श्रमिक परिवारों को निःशुल्क पीडीएस सामग्री एवं आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं यह शामिल है।
इसके अलावा असम सरकार की नौकरियों में चाय जनजाति समुदाय के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण बढ़ाने,चाय जनजाति समुदाय के उम्मीदवारों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने तथा पात्रता एवं शैक्षणिक मानदंडों में आवश्यक छूट देने के साथ साथ भारतीय चाय मजदूर संघ बराक वैली यूनिट के स्थायी कार्यालय हेतु भूमि आवंटित करने की भी मांग को आगे बढ़ाया।
इकाई के महासचिव कंचन सिंह कुर्मी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि वे शीघ्र ही पुनः बैठक बुलाकर बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाएंगे। भारतीय चाय मजदूर संघ बराक घाटी इकाई के स्थायी कार्यालय हेतु भूमि आवंटन के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया। उनका संगठन वर्ष 1967 से किराए के भवन से चाय बागान श्रमिकों के कल्याण एवं अधिकारों के लिए लगातार कार्य करता आ रहा है।
संघ ने मुख्यमंत्री एवं श्रम कल्याण मंत्री को समय देने और चाय बागान की आवाज को सुनने के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया । उन्हें पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बराक घाटी के चाय बागान श्रमिकों के कल्याण, सम्मान एवं विकास को सुनिश्चित किया जाएगा।

