- एक बड़खोला, दूसरा जिरीघाट बाजार से धराया
फर्जी चिकित्सकों की धर पकड़ जारी है। कछार पुलिस ने दो और फर्जी चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता के बयान मुताबिक पकड़े गए दो लोग अवैध रूप से डाक्टरी कर रहे थे। उनके पास डॉक्टरी की कोई डिग्री नहीं है, लेकिन वह अपने को पेशेवर चिकित्सक बताकर मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते आ रहे।
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एसएसपी महत्ता ने आगे बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर, कछार पुलिस ने दो व्यक्तियों को अवैध रूप से योग्य चिकित्सक के रूप में प्रैक्टिस करते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान बड़खोला द्वितीय के निहार एच माझारभुईया और जिरीघाट बाजार के राधेश्याम रविदास के रूप में हुई है।
निहार एच माझारभुईया, जो स्वयं को एमडी, डीएमए बताता है और बड़खोला बाजार में स्वयं को एक योग्य चिकित्सक बताकर चिकित्सा का अभ्यास करता है। पूछताछ में पता चला है कि वह व्यक्ति ‘दिलशान ड्रग्स’ और ‘सानिया ड्रग्स’ नाम से फार्मेसी चलाता है और मरीजों के इलाज के नाम पर अवैध रूप से दवाइयां बेचता है। बड़खोला पुलिस थाना मामला संख्या 88/2025 धारा 125/271/318(4)/319(2)/336(4) /340(2)/112(2) बीएनएस के तहत जांच जारी है।
जबकि जिरीघाट बाजार के राधेश्याम रविदास खुद को एमबीबीएस होने का दावा करता है। एक योग्य चिकित्सक बताकर जिरीघाट बागान, जिरीघाट बाजार में अपने नाम पर डॉ. का इस्तेमाल करके चिकित्सा का अभ्यास करता है। जिरीघाट थाना कांड संख्या 20/25 के तहत जांच चल रही है।
बताते चले कि कछार पुलिस ने अब तक आठ फर्जी चिकित्सकों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसएसपी महत्ता ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे व्यक्तियों को छोड़ा नहीं जाएगा। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा का स्पष्ट निर्देश है कि फर्जी चिकित्सकों को बख्शा न जाए।
योगेश दुबे – पूर्वोत्तर हलचल


