Monday, September 7, 2026

असम में मारवाड़ी समाज का इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना है : कैलाश काबरा 

  • मारवाड़ी समाज के बच्चे भी बने आईएएस और आईपीएस  
  • मारवाड़ी समाज के घटक  अग्रवाल, माहेश्वरी और जैन समाज को आपस में विवाह शुरू करने, विवाह दिन में और मद्यपान मुक्त करने के आह्वान किया
  • किसी भी कार्यक्रम के बैनरों में “मारवाड़ी” शब्द उल्लेख करने की समाज से अपील

पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन समाज के बच्चों के उच्च शिक्षा पर ध्यान देने की बात कही है। पूर्वोत्तर मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार लोहिया और प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश काबरा ने कहा कि उनके समाज के बच्चे आईएएस और आईपीएस बनकर निकले यह चाहते है।

असम में उनकी जनसंख्या इतनी नहीं कि विधायक – सांसद बना सके। वह चाहते समाज के बच्चे आईएएस और आईपीएस बने। श्री काबरा ने कहा कि असम में मारवाड़ी समाज का इतिहास लगभग 250 वर्ष पुराना है। हम असम सी बिलकुल अलग नहीं है। असम की भाषा – संस्कृति से जुड़े हुए है। ज्योति प्रसाद अग्रवाल के उल्लेखनीय योगदान है। असम कला – संस्कृति का क्षेत्र रहा है। मारवाड़ी समाज अपने परिश्रम, सामाजिक कार्यों से मान प्रतिष्ठा बनाया है। जनसेवा में मारवाड़ी समाज की अग्रहणी भूमिका में है।

स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ खेल के आयोजन पर भी फोकस किया गया है। श्री काबरा ने कहा कि असम सरकार ने राज्य के तीन शहरों में 24 घंटे दुकान खुले रहने का जो निर्णय लिया है वे उसका स्वागत करते है। अर्थव्यवस्था गति में तेजी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मारवाड़ी समाज के घटक  अग्रवाल, माहेश्वरी और जैन समाज को आपस विवाह शुरू करने, विवाह दिन में और मद्यपान मुक्त करने के आह्वान किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार लोहिया ने कहा कि पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अधिवेशन में समाज को संगठित रखने, युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के उपायों, समाज की मातृ शक्ति को आगे ले जाने सहित उनका समाज शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक रूप से उन्नत करे इसपर मंथन हुआ। पूर्वोत्तर इकाई के कार्यों के सराहना की। पूर्वोत्तर में चल रहे जनसेवा पर संतोष व्यक्त किया।

शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अनेक जनसेवा मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा चल रहा है। मारवाड़ी समाज का किसी के साथ द्वेष नहीं है। जहां भी रहती है स्थानीय आबादी के साथ मिलजुल कर रहने और क्षेत्रीय विकास में अपना योगदान देने विश्वास रखती है। प्रेस वार्ता में कैलास पति तोदी, विनोद लोहिया, बुधमल वैद, मूलचंद वैद, सुंदरी देवी पाटवा की भी मौजूदगी रही।

योगेश दुबे

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