Sunday, September 6, 2026

असम विश्वविद्यालय द्वारा एक दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन

  • कार्यशाला के विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य अतिथि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति सिलचर के सदस्य सचिव एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सिलचर के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरव वर्मा थे।
  • कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत ने की ।

राजभाषा प्रकोष्ठ, असम विश्वविद्यालय द्वारा 21 अगस्त 2025 को ‘प्रशासन एवं राजभाषा हिंदी’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय में नवनियुक्त कर्मचारियों को राजभाषा नियमों का ज्ञान प्रदान करने हेतु किया गया ।

कार्यशाला के विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य अतिथि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति सिलचर के सदस्य सचिव एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, सिलचर के सहायक प्रोफेसर डॉ. सौरव वर्मा थे । कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजीव मोहन पंत जी ने की । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रदोष किरण नाथ ने अपने भाषण में राजभाषा हिंदी को सरकारी कामकाज में बढ़ावा देने का आग्रह किया ।

कुलपति महोदय ने अपने वक्तव्य में नवनियुक्त कर्मचारियों को कार्यशाला के दौरान राजभाषा के कार्यान्वयन में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया ।कार्यशाला के  मुख्य अतिथि एवं प्रथम तकनीकी सत्र के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ वर्मा ने राजभाषा अधिनियम, राजभाषा एवं राष्ट्रभाषा, प्रशासन में राजभाषा के महत्व, आदि पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी । उन्होंने प्रतिभागियों को राजभाषा के नियमों से अवगत कराया ।

डॉ सुरेंद्र कुमार उपाध्याय, विश्वविद्यालय के हिंदी अधिकारी ने राजभाषा के अनुपालन पर कर्मचारियों के सहयोग का आह्वान किया । कार्यशाला को दो सत्रों में संपन्न किया गया । प्रथम तकनीकी सत्र के विशेषज्ञ डॉक्टर सौरभ वर्मा रहे तथा द्वितीय तकनीकी सत्र में विश्वविद्यालय के हिंदी अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार उपाध्याय, अनुवाद अधिकारी श्री पृथ्वीराज ग्वाला, अनुवादिका श्रीमती मिली रानी पाल ने अपना वक्तव्य भी दिया एवंहिंदी टंकक, संतोष ग्वाला ने कार्यशाला के आयोजन एवं प्रबंधन में विशेष योगदान दिया।

इस एक दिवसीय कार्यशाला से सभी प्रतिभागी बहुत लाभान्वित हुए । कार्यशाला के उपरांत सभी को प्रमाण पत्र कुलपति महोदय के कर कमल से प्रदान किया गया । व्यापक रूप से राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने की दृष्टि से यह कार्यशाला बहुत ही प्रभावशाली रही ।

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