Friday, October 23, 2026

एडीआरई : असम में चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित, इंटरनेट सेवाएं रही बंद

 

असम सरकार में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए रविवार को लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया और इस दौरान राज्य में करीब सात घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं। राज्य भर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं सुबह साढ़े आठ बजे से शाम चार बजे तक बंद रही। पिछले दो महीनों में यह तीसरा मौका है जब मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई हैं।

शुक्रवार को जारी किए गए एक आदेश में कहा गया कि ‘‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी लिखित परीक्षा आयोजित करने तथा सार्वजनिक सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाली कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए’’ मोबाइल इंटरनेट, वाई-फाई और मोबाइल डेटा सेवाएं सुबह साढ़े आठ बजे से शाम चार बजे तक निलंबित की गई हैं। इसमें कहा गया कि इस अवधि के दौरान टेलीफोन लाइन पर आधारित ‘ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी’ और ‘वॉयस कॉल’ की सेवाएं चालू रही।  आदेश में कहा गया कि अधिसूचना का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 के प्रासंगिक प्रावधान के तहत दंडनीय होगा।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य स्तरीय भर्ती आयोग (एसएलआरसी) के अंतर्गत हो रही प्रतियोगी परीक्षा 28 जिलों में दो पालियों में आयोजित की गई।  असम सरकार में चतुर्थ श्रेणी के कुल 5,023 पदों पर भर्ती होगी।  राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार शाम को सोशल मीडिया मंच‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं।  सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि एनएफआर ने परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई।

एसएलआरसी के तहत तृतीय श्रेणी के पदों पर लिखित परीक्षा 15 और 29 सितंबर को आयोजित की गई थी और इस दौरान भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई थीं। कछार जिले में उक्त परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हुआ। जिला प्रशासन ने व्यवस्थित ढंग से परीक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

बड़खोला सरकारी मॉडल कॉलेज में भी केंद्र बनाया गया था। जिले के अलग-अलग जगहों से आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। दिव्यांग परीक्षार्थी अपने पिता और बहन के सहारे परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के लिए उपस्थित हुए। एक लड़की के पिता ने बताया कि उनके पुत्री भले ही अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो सकती परंतु उसमें लगन और जुनून कुट कुट कर भरा है। उन्होंने आशा ब्यक्त की कि उनकी पुत्री इस परीक्षा में उत्तीर्ण होकर समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। बेटी के मन में सरकारी नौकरी करने की आशा है, जो असम सरकार की इस स्वच्छ व्यवस्था के चलते पुरे होंगे। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कछाड़ जिले में 29 परीक्षा केंद्रों में शांति पुर्ण परीक्षा सम्पन्न हुआ। परीक्षा के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बलों सहित अर्धसैनिक बल अतिरिक्त रूप से तैनात किए गए थे।

भाषा / चंद्रशेखर ग्वाला

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