- शाह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार भारत की सीमाओं की रक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों की सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों को आने दिया, लेकिन भाजपा सरकार सबको पहचान कर वापस भेजेगी। शाह के साथ राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया सहित मंत्री – संसद, विधायक और एनडीए सहयोगी पार्टी अगप प्रमुख तथा मंत्री अतुल बोरा भी मौजूद थे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। शाह ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में घुसपैठ आसान बनाने के लिए बॉर्डर खोल दिए थे। कछार जिले के नाथानपुर इलाके में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान देश में घुसे हर अवैध बांग्लादेशी की पहचान की जाएगी और उन्हें वापस भेजा जाएगा।

आगे कहा कि कांग्रेस सरकार ने बांग्लादेशियों के लिए बॉर्डर खोलकर घुसपैठ होने दी। उन्होंने कहा, “मैं असम के लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कांग्रेस के राज में जो भी अवैध रूप से देश में घुसा है, उसे वापस भेजा जाएगा।
वोट बैंक के लिए सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया। गृह मंत्री ने विपक्षी दल पर वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने असम जैसे सीमावर्ती राज्यों की चिंताओं को नजरअंदाज किया। शाह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार भारत की सीमाओं की रक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों की सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि अवैध प्रवासन को रोकने और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए पहले से ही कड़े कदम उठाए जा चुके हैं।

अपनी यात्रा के दौरान शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कछार जिले के नाथानपुर में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP-2) के दूसरे चरण का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का मकसद सीमावर्ती गांवों का तेजी से विकास करना है। इस योजना के तहत गांवों में बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
इसका उद्देश्य निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना और इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों से लोगों का पलायन रोकना है। शाह ने कहा कि यह प्रोग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दर्शाता है, जिसके जरिए भारत के सीमावर्ती गांवों को विकास का एक मजबूत केंद्र बनाया जा रहा है।
गृह मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के पहले चरण के अच्छे नतीजे मिले हैं। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि VVP-2 के तहत इन लाभों को और अधिक गांवों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सीमा सुरक्षा और मजबूत होगी। शाह ने दोहराया कि असम और पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में बना रहेगा।
‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के दूसरे चरण के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 334 ब्लॉक का डेवलेप किया जाएगा । अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सीमाएं खुली छोड़ दीं, जिसके कारण असम में घुसपैठ हुई. लेकिन हम असम को घुसपैठियों से मुक्त करेंगे। असम में चुनाव, पूरी रफ्तार में है। भाजपा मशीनरी का ऐलान चुनाव आयोग अगले महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में करने जा रहा है। इससे पहले 2026 भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी मशीनरी को पूरी रफ्तार दे दी है । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम के दो दिन के दौरे पर हैं और उनसे पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राज्य का दौरा किया था । अमित शाह ने कछार जिले के सीमावर्ती गांव नथानपुर से महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (VVP) के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है । वह बीएसएफ़ की आउटपोस्ट का भी दौरा किया।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के एजेंडे को फिर से धार 6,839 करोड़ के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर पलायन रोकना और स्थानीय निवासियों को देश की सुरक्षा के लिए ‘आंख और कान’ के रूप में तैयार करना है । अमित शाह का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है । यह 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत संदेश भी है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित कछार से इस योजना की शुरुआत कर भाजपा ने घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे अपने कोर एजेंडे को फिर से धार दी है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार सीमा के अंतिम गांव को देश का ‘पहला गांव’ मानकर विकास कर रही है।
अमित शाह से पहले पार्टी की सांगठनिक तैयारी को धार देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी असम के दो दिवसीय प्रवास पर रहे । डिब्रूगढ़ में आयोजित ‘पन्ना प्रमुख सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘50% से अधिक वोट शेयर’ का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया । नवीन ने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का निर्देश देते हुए कहा कि “जब पन्ना प्रमुख मजबूत होगा, तभी हर बूथ पर कमल खिलेगा.” उनके इस दौरे ने साफ कर दिया है कि भाजपा इस बार न केवल सत्ता बरकरार रखना चाहती है, बल्कि अपने वोट आधार को और व्यापक करने की तैयारी में है।
विपक्ष की घेराबंदी और भाजपा का जवाब एक ओर जहां कांग्रेस और क्षेत्रीय दल गठबंधन की कोशिशों में जुटे हैं, वहीं भाजपा विकास और राष्ट्रवाद के मेल से अपनी जमीन पुख्ता कर रही है. अमित शाह और नितिन नवीन के बैक-टू-बैक दौरों से साफ है कि आगामी चुनाव में बीजेपी विकास, सुरक्षा के मुद्दों और मजबूत संगठन के भरोसे मैदान में उतरने जा रही है।


