Saturday, April 18, 2026

पहले भूकंप से हिली धरती, फिर तेज आंधी – तूफान, बरसात, बराक घाटी में प्रकृति की मार, कौशिक राय ने जिला प्रशासन से प्रभावितों की हर संभव मदद की अपील

  • राजदीप ग्वाला उधारबंद विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का लिया जायजा, दिया भरोसा 
  • जिला प्रशासन की सक्रियता से गिरे पेड़ों के मलबे को हटाया गया, बंद मार्ग खुले, बिजली बहाली पर दिया गया बल, अब नुकसान का आकलन जारी

रविवार का दिन बराक घाटी के लिए अशुभ दिन रहा। पहले 4.3 की तीव्रता से आई भूकंप से धरती डोली, उसके बाद आंधी – तूफान ने भारी तबाही मचाई। बरसात भी हुई। सिलचर सहित अनेक क्षेत्रों में पुराने पेड़ गिर गए। अनेक लोगों के घरों के टीन के छत उड़ गए। व्यापक क्षति हुई है। किसी बड़े इमारत गिरने की खबर नहीं। हालांकि जानमाल की कोई सूचना नहीं है।

इस बीच मंत्री कौशिक राय ने बराक घाटी के तीनों जिला प्रशासन से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की अपील की है। स्थिति को सामान्य करने पर प्रभावी कदम उठाने की भी बात की। मुख्यमंत्री ने भी पूरी जानकारी ली और आवश्यक मदद का भरोसा दिया है। नुकसान जो हुआ उसका आकलन किया जा रहा है। प्रशासन इनपुट संग्रह कर रहा।

मालूम हो कि तेज हवाओं ने सिलचर तथा उसके आसपास इलाकों में कई पेड़ उखाड़ दिए, बिजली की लाइनें टूट गईं और कई इलाकों में लंबे समय तक अंधेरा छा गया। सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में मालूग्राम, तारापुर और कछार जिला आयुक्त ऑफ़िस परिसर शामिल हैं, जहां दशकों पुराने कई बड़े पेड़ उखड़ गए, जिससे मुख्य सड़कें बंद हो गईं और आस-पास के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। गिरे हुए पेड़ों और मलबे के कारण गाड़ियों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसके बाद सड़कों को साफ करने और हालात सामान्य करने के लिए आपातकालीन टीमों को तैनात किया गया। एसडीआरएफ, सिक्यूआरटी और डीडीआरएफ की टीमें सड़कों पर गिरे पेड़ों के मलबे को हटाया। बिजली विभाग, एपीडीसीएल, के कर्मी विद्युत बहाली के लिए मेहनत करते दिखाई दिए।

वहीं उधारबंद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार राजदीप ग्वाला आंधी – तूफान में प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन परिवारों से मिले, जिनका नुकसान हुआ है। ग्वाला ने पूरी मदद का विश्वास दिखाया। प्रशासन से भी बात कर हुए नुकसान की जानकारी दी तथा प्रभावित लोगों की मदद का अनुरोध किया। फिलहाल घंटों बिजली गुल रही।रोज़मर्रा की ज़िंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई। आंधी – तूफान के जो मंजर थे, अनेक लोगों ने इसके बारे में बताया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अफरा-तफरी का माहौल था, सड़कों पर किस प्रकार पेड़ गिरे और इसकी जद में गाड़ियां आने बाल बाल बची। सिलचर शहर, बेरंगा, अरकाठीपुर, दूधपातील, काशीपुर, बांसकांदी, सोनाई, काटीगोरा, धोलाई के कुछ इलाकों में तूफान का असर दिखाई दिया। मूसलाधार बारिश के समय कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई है।

काशीपुर के पास दयापुर में भारतमाला निर्माण में लगे ठेकेदार के अंतर्गत काम करने वाले कर्मियों और श्रमिकों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। कछार ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वे हालात अब ठीक है। नुकसान का आकलन जारी है और डाटा संग्रह एकत्रित किया जा रहा। लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इस बीच, बिजली विभाग की टीमें बिजली बहाल करने का काम कर रही हैं, हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नुकसान की गंभीरता को देखते हुए हालात पूरी तरह सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।

  • योगेश दुबे 

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