- मंत्री कौशिक राय की उपस्थिति में मंत्री रुपेश ग्वाला ने नवनिर्मित जगन्नाथ कम्युनिटी एवं स्किल सेंटर का भी किया उद्घाटन

दक्षिण असम के प्राचीनतम ऐतिहासिक तीन दिवसीय बरमबाबा का मेला मंगलवार, 4 नवंबर से आरंभ हुआ। भारत सेवाश्रम संघ, सिलचर के प्रमुख स्वामी गुना सिंधु महाराज ने राज्य के दो मंत्री रुपेश ग्वाला और कौशिक राय की उपस्थिति में फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। स्वामी गुनासिंधु महाराज, उपरोक्त दोनों मंत्री और सांसद, विधायक ने श्री श्री बरमबाबा की पूजा -अर्चना और आरती की। श्री बरमबाबा मंदिर के पंडितो ने मंत्रोच्चारण किया।

इस अवसर पर 1.5 करोड़ की लागत से नव-निर्मित जगन्नाथ कम्युनिटी एवं स्किल सेंटर का भी शुभ उद्घाटन किया गया। मंत्री कौशिक राय की उपस्थिति में राज्य के श्रम मंत्री रुपेश ग्वाला ने उद्घाटन किया। इस मौके पर सिलचर के सांसद परिमल शुक्लवैद, राज्यसभा कणाद पुरकायस्थ, विधायक निहार रंजन दास, कछार जिला आयुक्त मृदुल यादव, जिला परिषद अध्यक्ष कंकण नारायण सिकदर, जिले के एसएसपी पार्थ प्रतिम दास, निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अनूप चक्रवर्ती, कछार जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रूपम साहा, बरमबाबा मंदिर समिति के अध्यक्ष ध्रुव नाथ सिंह, प्रधान पुजारी श्रीमती सबिता शर्मा एवं उदय शंकर गोस्वामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इसके अलावा सुबचन ग्वाला, प्रदीप कुमार कुर्मी, पुजारी जवाहरलाल पांडेय भी उपस्थित रहे। श्री बरमबाबा मंदिर, शिव मंदिर, शक्ति मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, राम मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, गणेश मंदिर व हनुमान मंदिर में पूजा-पाठ-आरती शुरू हो गई। प्रधान पुजारी सबिता शर्मा के नेतृत्व में कुल 17 उपासकों ने पूजा की।

मंत्री कौशिक राय ने अपने संबोधन में कहा कि श्री श्री बरमबाबा सभी को सुख, समृद्धि और खुशहाली प्रदान करें तथा उनकी कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे — यही कामना है। सभी से आग्रह है कि मेले में पधारे और इसकी भव्यता में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि श्री बरमबाबा मंदिर के समग्र विकास और यात्री आश्रय के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की परियोजना ली गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मेले के दौरान जगन्नाथ कम्युनिटी और कौशल केंद्र बनाने की पहल की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में राज्य के सभी बागानों में जगन्नाथ कम्युनिटी और कौशल केंद्र बनाने की पहल की गई, इनमें से 70 बराक घाटी के वर्तमान चाय बागान क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं।

कछार जिले में 45 बागानों में निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें से पहला, शिलकुरी स्थित श्री श्री बरमबाबा मंदिर के बगल में इस कम्युनिटी भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस कम्युनिटी भवन के निर्माण से शिलकुड़ी चाय बागान क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। मुख्य अतिथि मंत्री ग्वाला ने श्री बरमबाबा पूजा और मेले की समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि मंत्री कौशिक रॉय से इस मेले के बारे में बहुत कुछ सुना है और आज पूजा के साथ-साथ जगन्नाथ कम्युनिटी एवं कौशल केंद्र का उद्घाटन कर पाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में राज्य के चाय बागानों में जगन्नाथ कम्युनिटी हॉल और कौशल केंद्र बनाने का काम चल रहा है। ये समुदाय चाय समुदाय के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बहुत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य की भाजपा सरकार के शासन में चाय बागान क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। श्रमिकों की मजदूरी में वृद्धि, चाय बागान क्षेत्र में एलपी स्कूलों के लिए परियोजनाएं शुरू करना, अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति, स्वास्थ्य क्षेत्र में 354 चाय बागानों में आयुष्मान कार्ड का प्रावधान और 25 नवंबर को चाय बागान क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री डॉ शर्मा के नेतृत्व में एक विधेयक लाया जा रहा है।
बैठक में सांसद परिमल शुक्लवैद्य, सांसद कणाद पुरकायस्थ आदि ने विचार रखे। सांसद कणाद पुरकायस्थ ने समिति को आश्वासन दिया कि वे श्री बरमबाबा मंदिर की रिटर्निंग वॉल के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करेंगे। उन्होंने इस संबंध में एक प्राक्कलन तैयार करने का आग्रह किया। बैठक की अध्यक्षता बरम बाबा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डीएन सिंह ने की। संचालन प्रदीप कुमार कुर्मी ने किया। इस बीच, बराक घाटी के विभिन्न हिस्सों से दुकानदारों ने मेले में स्टॉल लगाए हैं। मेला परिसर में चरखी, टॉय ट्रेन, ब्रेक डांस आदि की व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों से साधु-संत भी पहुंचे हैं। मेले के चारों ओर परिसर को बिजली की रोशनी से सजाया गया है। सभी मंदिर सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक पूजा-अर्चना के लिए खुले रहेंगे।


