- दयापुर चाय बागान ने संचालन के लिए भरी है हामी
कछार जिले के पालोरबंद चाय बागान के श्रमिकों को लेकर चिंतित बराक चाय श्रमिक यूनियन ने अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पालोरबंद चाय बागान और उसके सभी फाड़ी के बागन पंचायत सह बड़ी संख्या में श्रमिक भी मौजूद रहे।
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यूनियन के साधारण संपादक राजदीप ग्वाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि पालोरबंद चाय बागान के मुद्दे पर मौन नहीं रहने वाले। श्रमिकों के साथ शुरू ही से खड़े हैं। उन्होंने बैठक के संबंध में बताया कि दयापुर चाय बागान प्रबंधन के साथ चर्चा की। चूंकि पालोरबंद चाय बागान के श्रमिक समाज के तरफ से ही यह प्रस्ताव आया है कि दयापुर चाय बागान को संचालन का जिम्मा दिया जाए, ताकि बागन संकट से उभर सके।
दयापुर चाय बागान प्रबंधन के प्रतिनिधि के रूप में राजेंद्र पांडेय बैठक में आए थे। दयापुर चाय बागान ने सुचारू रूप से संचालन के लिए हामी भरी है। दयापुर चाय बागान ने कहा कि यदि श्रमिकों का सहयोग मिलता है, तो वह आगे आने के लिए तैयार है। राजदीप ग्वाला ने कहा कि ऐसे कई बागान रहे हैं, जिसके तालाबंदी के बाद अन्य लोगों को संचालन के लिए दिए हैं। आज ये सभी चाय बागान बेहतर स्थिति में चल रहे। पालोरबंद चाय बागान के लिए भी बेहतर विकल्प है और उन्ही संभावनाओं पर यूनियन जुटा है।

कछार जिला प्रशासन, श्रम विभाग और श्रमिक समुदाय के बीच एक सार्थक और उचित चर्चा के साथ सकारात्मक पहल पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने लॉक आउट कर भागे पालोरबंद मालिक खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता से मिले और श्रमिकों की आवाज को उनके समक्ष रखा है।
राजदीप ग्वाला ने कहा कि पालोरबंद चाय बागान की समस्या का दरअसल अभी तक स्थाई समाधान नहीं निकला है। लेकिन समाधान है और उसी दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। लगभग दो हज़ार श्रमिक, कर्मियों की बात है। राजदीप ग्वाला ने अनेक प्रासंगिक विषयों को उठाया, उसके समाधान के लिए जिला प्रशासन से मांग की।

योगेश दुबे

