Saturday, April 18, 2026

बराक हिन्दी साहित्य समिति द्वारा बराक घाटी के मेधावी विद्यार्थियों को “दीनेश प्रसाद ग्वाला स्मृति पुरस्कार” प्रदान किया गया 

  • लगभग 135 मेधावी विद्यार्थियों का किया गया सम्मान 

बराक हिन्दी साहित्य समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बराक घाटी के मेधावी विद्यार्थियों को “दीनेश प्रसाद ग्वाला स्मृति पुरस्कार” प्रदान किया गया। आज 10 अगस्त 2025, दिन रविवार को हिंदी भवन में प्रातः 11:30 बजे से सम्मान समारोह प्रारंभ हुआ।

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लगभग 135 मेधावी विद्यार्थियों, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के शिक्षार्थियों, का सम्मान किया गया। समारोह में ‘स्व. अमरनाथ खंडेलवाल स्मृति पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। बराक हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मान समारोह में सर्वप्रथम महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी ने अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्ष मूलचंद वैद सहित मुख्य  अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित पूर्व विधायक राजदीप ग्वाला, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पैलापुल के प्रधानाचार्य विश्वास कुमार राणा, समाजसेवी अमित खंडेलवाल, शिक्षाविद उदयभान सिंह, उत्तम कुमार सिंह को मंच पर आसीन कराया गया ।

सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात समिति के अध्यक्ष एवं आमंत्रित अतिथियों का अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। दीप प्रज्ज्वलन समय मंगलपाठ सुप्रिया चौबे ने किया। कुमारी प्रियल सिंह द्वारा गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुत किया गया। समिति के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी ने अपने स्वागत भाषण में पुरस्कार समारोह की सराहना करते हुए छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दीनेश प्रसाद ग्वाला स्मृति पुरस्कार और स्व. अमरनाथ खंडेलवाल स्मृति पुरस्कार छात्रों को दिया जा रहा, वे दोनों ( स्व. दीनेश प्रसाद ग्वाला – स्व. अमरनाथ खंडेलवाल) का ही समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है।

पूर्व मंत्री स्व. दीनेश प्रसाद ग्वाला हिंदी उत्थान के हितों के लिए बहुत कुछ किया। जबकि स्व. अमरनाथ खंडेलवाल गैर – सरकारी संगठन के माध्यम से सामाजिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान रहा। राजदीप ग्वाला अपने संबोधन में छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह ज़रूर याद रखे, हमारी जड़े कहाँ से शुरू हुई है। भविष्ठ में चुनौतिया बहुत है, प्रतियोगिताएं बढ़ गई है। अभी तो शुरुआती दौर है. इसलिए अपने ऊपर भरोसा कर पठन  – पाठन पर ध्यान केंद्रित किए रखना रखना है। परिवार, बराक घाटी, राज्य एवं देश का नाम रोशन करे यह शुभकामनाएं दी।

बराक हिंदी साहित्य समिति द्वारा पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। अपने पिता स्व. दीनेश  प्रसाद ग्वाला के संबंध में भी कई यादों को साझा किया। उन्हें ख़ुशी है कि दिनेश प्रसाद ग्वाला स्मृति पुरस्कार के तहत अब तक हज़ारों छात्र – छात्राओं का सम्मान किया जा चुका है। जेएनवी, पैलापुल के प्रिंसिपल विश्वास कुमार राणा ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय युवा पीढ़ी देश की संस्कृति, इतिहास पर विश्वास करना सीखें। अपनी इतिहास की जड़ों से जुड़े रहे। हमारे पुराने ग्रंथो में ज्ञान का भंडार है, बसर्ते हम जानने का प्रयास तो करें। छात्रों को कठिन परिस्थिति में सकारात्मक होकर आगे बढ़ने के लिए मार्ग तलाशने की आवश्यकता पर ध्यान देना चाहिए।

मूलचंद वैद, उदयभान सिंह और उत्तम कुमार सिंह ने भी अपने संबोधन में सभी छात्र – छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मंच पर आसीन अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथियों एवं मंच के नीचे बैठे गणमान्य व्यक्तियों के हाथों से छात्रों को पुरस्कार भेंट किया गया। पुरस्कार ग्रहण करते समय छात्रों के अभिभावक भी उपस्थित थे।  पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन महासचिव प्रदीप कुमार कुर्मी, संयोजक एवं उपाध्यक्ष कन्हैयालाल सिंगोदिया और  सह सचिव श्रीमती बिंदु सिंह किया। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव प्रदीप कुमार ने किया।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष क्रमशः दुर्गेश कुर्मी, अरुण कुमार महतो, कोषाध्यक्ष सांवरमल काबरा, संयुक्त सचिव युगल किशोर त्रिपाठी, संगठन सचिव राजन कुंवर, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव कमला सोनार, सह संयोजक श्रीमती किरण त्रिपाठी, श्रीमती सविता जायसवाल, कार्यालय सचिव प्रमोद जायसवाल, प्रचार सचिव योगेश दुबे, कार्यकारिणी सदस्य बाबुल नारायण कानू, बंशीलाल भाटी, रामस्वार्थ सिंह, अजय यादव, सुवचन ग्वाला, मनोज कुमार साह सहित समिति के सदस्य किशनलाल राठी, गिरिजाशंकर अग्रवाल, रवि नुनिया, लालन प्रसाद ग्वाला, अनूप पाटवा, कौशल कुमार सिंह, हरीश काबरा, गोपाल कोइरी, सुशील तापड़िया सह राजकुमार दुबे, श्रीमती रूपतारा दीक्षित,मानव सिंह आदि की उपस्थिति रही। राष्ट्रगान बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कन्हैयालाल सिंगोदिया, युगल किशोर त्रिपाठी और प्रमोद जायसवाल भूमिका अहम रही।

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