- राज्य सरकार 1 अक्टूबर से कछार समेत राज्य के 10 जिलों में राशन की दुकानों के जरिए रियायती दामों पर दाल, चीनी और नमक की बिक्री शुरू कर रही है।
- सब्सिडी वाली मसूर दाल की कीमत 69 रुपये प्रति किलो, चीनी 38 रुपये और नमक 10 रुपये प्रति किलो होगी।
VIDEO
असम के मंत्री कौशिक राय ने आज एक कार्यक्रम में सहकारी समितियों और विभिन्न सस्ते राशन की दुकानों को कड़ी हिदायत देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राशनकार्ड उपभोक्ता, लाभार्थी अथवा आम जनता द्वारा शिकायत मिलने पर शख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि कई मामलों में आरोप लग रहे हैं कि सहकारी समितियों और विभिन्न राशन की दुकानों में उचित मूल्य वाली वस्तुओं के वजन में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जाती है, जिससे लाभार्थियों को वंचित रहना पड़ता है। ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री कौशिक रॉय ने विभिन्न सहकारी समितियों और राशन दुकानों के अधिकारियों को चेतावनी दी है।

विदित हो कि राज्य सरकार 1 अक्टूबर से कछार समेत राज्य के 10 जिलों में राशन की दुकानों के जरिए रियायती दामों पर दाल, चीनी और नमक की बिक्री शुरू कर रही है। इस बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए शुक्रवार को सिलचर सर्किट हाउस रोड स्थित एक विवाह भवन में राशन दुकानों का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मंत्री कौशिक राय ने कहा कि उचित मूल्य वाली वस्तुएं सहकारी समितियों के माध्यम से राशन की दुकानों तक पहुंचती हैं।
कई राशन दुकान मालिकों की शिकायत है कि सहकारी समितियां अक्सर उन्हें उचित मूल्य वाली वस्तुओं की आपूर्ति करते समय वजन में पारदर्शिता नहीं बरतती हैं। इतना ही नहीं, कुछ राशन दुकानदार भी हेराफेरी करते समय सामान तौलने की कोई व्यवस्था नहीं रख रहे हैं। वे अपनी मर्जी के मुताबिक डिब्बा रख रहे हैं और डिब्बे के आकार में ही सामान दे रहे हैं। हालांकि निर्धारित वजन और डिब्बे के आकार में कोई समानता नहीं है।

मंत्री ने कहा कि हर कोई ऐसा नहीं कर रहा है। हालांकि, कुछ दुकानदारों की ऐसी गतिविधियों के कारण उचित मूल्य की वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। अगर वजन में हेराफेरी के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित सहकारी समिति या राशन की दुकान को निलंबित कर दिया जाएगा और उसे किसी अन्य सहकारी समिति या राशन की दुकान से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने सहकारी समिति के अधिकारियों और राशन की दुकानों को इस तरह की चेतावनी देने के अलावा, उनसे आग्रह किया कि वे सार्वजनिक वितरण कार्य में शामिल किसी भी सरकारी अधिकारी द्वारा अनैतिक लाभ की मांग का जवाब न दें।
उन्होंने ऐसे मामलों में तुरंत व्हाट्सएप पर उन्हें रिपोर्ट करने को कहा। मंत्री ने कहा कि 1 अक्टूबर से कछार सहित राज्य के 10 जिलों में राशन की दुकानों के माध्यम से रियायती कीमतों पर दाल, चीनी और नमक की बिक्री शुरू हो जाएगी। सब्सिडी वाली मसूर दाल की कीमत 69 रुपये प्रति किलो, चीनी 38 रुपये और नमक 10 रुपये प्रति किलो होगी। अक्टूबर से कछार समेत 10 जिलों में शुरू होने के बाद, नवंबर से अन्य 25 जिलों में इसकी शुरुआत होगी। यह पहल राज्यव्यापी योजना के तहत कछार की 1,764 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से अक्टूबर से कछार सहित 10 जिलों और नवंबर से शेष 25 जिलों में 34,000 से अधिक उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से लागू की जाएगी।
मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लीकेज को रोकने के लिए प्रत्येक वितरण केंद्र पर ई-पीओएस उपकरणों के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह एक योजना से कहीं बढ़कर है, यह प्रत्येक नागरिक के सम्मान को बनाए रखने का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में, असम देश के शीर्ष पाँच सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक बनने की ओर निरंतर अग्रसर है।
मंत्री राय ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा को “असम के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री” बताया और उन्हें डिजिटल वितरण, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और जमीनी स्तर पर सशक्तिकरण के क्षेत्रों में परिवर्तनकारी शासन का श्रेय दिया। मंत्री ने आगे कहा, “पिछले दो वर्षों में एनएफएसए-13 के तहत 60 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को जोड़ा जा चुका है, और यह व्यापक अभियान किसी भी पात्र परिवार को वंचित न करने के हमारे संकल्प को दर्शाता है।
कार्यक्रम में बोलते हुए, विधायक दीपायन चक्रवर्ती ने कहा कि पहले राज्य में केवल अमीर लोगों को ही राशन कार्ड का लाभ मिलता था। गरीब लोग इस लाभ से वंचित थे। भाजपा सरकार, खासकर डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सरकार के सत्ता में आने के बाद यह चलन बदल गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री की जमकर तारीफ की और कहा कि डॉ. शर्मा के कार्यकाल में बराक घाटी की समग्र तस्वीर काफी बदल जाएगी।
उन्होंने मंत्री कौशिक राय की भी प्रशंसा की। एक अन्य विधायक निहार रंजन दास ने कहा कि वर्तमान सरकार ने आम लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बिश्वरंजन श्यामल ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 100 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से जुड़ चुके हैं। जिला आयुक्त मृदुल यादव ने शुरुआत में स्वागत भाषण दिया। इस कार्यक्रम में विधायक खलील उद्दीन मजूमदार, जिला परिषद अध्यक्ष कंकण नारायण सिकदर, भाजपा कछार जिला समिति के अध्यक्ष रूपम साहा, लखीपुर सह – जिला आयुक्त ध्रुबज्योति पाठक और अन्य उपस्थित थे।
योगेश दुबे – पूर्वोत्तर हलचल


