- मुख्यमंत्री डॉ शर्मा की इस क्रांतिकारी पहल से लखीपुर सह – जिले के 1,700 छात्रा हुई लाभान्वित
उच्च शिक्षा में लड़कियों के नामांकन को बढ़ाने, बाल विवाह पर पूरी तरह अंकुश लगाने और स्कूल छोड़ने की दर कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री निजुत मोइना 2.0’ परियोजना के अंतर्गत लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रथम किश्त का चेक वितरण किया गया।
राज्य के मंत्री कौशिक राय की विशेष उपस्थिति में चेक वितरण कार्य संपन्न हुआ। छत्राओं में काफी उत्साह और प्रदेश सरकार के प्रति विश्वास नज़र आया। मंत्री कौशिक राय अपने संबोधन में कहा कि असम के छात्रों के लिए आज एक विशेष दिन है। बाल विवाह जैसे सामाजिक अभिशाप प्रथा को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ हिमंता विश्व शर्मा का ऐतिहासिक कदम ‘मुख्यमंत्री निजुत मोइना 2 0’, परियोजना की प्रथम किश्त का चेक वितरण समारोह लखीपुर के लाबक चाय बागान के खेल मैदान संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ शर्मा की इस क्रांतिकारी पहल से लखीपुर सह – जिले के 1,700 छात्राएं लाभान्वित हुई हैं और उन्हें लगता है कि छात्राएं इस परियोजना के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी। मंत्री ने कहा कि इस योजना केवल वित्तीय सहायता की एक परियोजना नहीं है – यह हर छात्रा के लिए आत्मविश्वास और शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र का कुल 9 शिक्षा प्रतिष्ठानों से छात्राओं को इसका लाभ मिला है।
उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील कि,वाल विवाह जैसी अभिशाप को असम से पुरी तरह उखाड़ फेंकने में मुख्यमंत्री कि इस बृहत प्रयास को सफल बनाने में पुरे सहयोग करें। मंत्री कौशिक राय ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस अनुकरणीय कदम से असम की अनगिनत छात्राएं नए सपने देख रही हैं और नई रोशनी की राह पर चल रही हैं। उन्होंने इस समारोह के माध्यम से लखीपुर वासियों के ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर लखीपुर सह – जिला जिला आयुक्त ध्रुवज्योति पाठक, लखीपुर म्युनिस्पल बोर्ड अध्यक्ष मृणाल कांति दास, कॉलेज एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधान प्राचार्य, मुनिपुरी विकास बोर्ड अध्यक्ष श्रीमती रीना सिंह, विशिष्ट समाजसेवी संजय कुमार ठाकुर, कछार जिला परिषद के उपाध्यक्ष देवज्योति बाउरी, जिला परिषद सदस्य किशन रिकियासन, श्रीमती विजयेता महतो, श्रीमती सीमा देव सहित गुंजन कर, सुभंकर ग्वाला आदि की उपस्थिति रही।
इस योजना के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, स्कूल और कॉलेज ड्रॉपआउट रेट कम करना, वित्तीय सहायता के माध्यम से छात्राओं को सशक्त बनाना और उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता स्थापित करना है।
संपादन : योगेश दुबे
न्यूज रिपोर्ट : चंद्रशेखर ग्वाला


