Monday, September 7, 2026

जर्जर अवस्था में पड़े शिलचर – एसएमसीएच रोड को लेकर स्थानीय जनता ने मार्ग अवरूद्ध कर जताया विरोध

  • लगभग छह घंटे तक चला प्रदर्शन

जर्जर अवस्था में पड़े शिलचर – एसएमसीएच सड़क को लेकर स्थानीय जनता ने मार्ग अवरूद्ध कर प्रदर्शन किया । लगभग छह घंटे तक प्रदर्शन चला। सड़क के दोनो तरफ से बांस का बेरीकेट लगाकर वाहनों के आवागमन पर ब्रेक लगा दिया था। वाहनों की आवाजाही बंद होने से गंतव्य स्थान तक पहुंचने में लोगों परेशानी भी उठाना पड़ा। चूंकि यह आंदोलन जर्जर सड़क को लेकर था, तो ऐसे में आम जनता का भी आंतरिक समर्थन मिला। सड़क पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आता है।

मेहरपुर के ग्रीन पार्क के सामने सुबह नौ बजे से शुरू हुआ आंदोलन दोपहर तीन बजे समापन हुआ । स्थानीय जनता ने राज्य के मंत्रियों, स्थानीय सांसद, बराक घाटी के सभी विधायकों, जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग की भूमिका पर सवाल खड़ा किया । सड़क पर आंदोलन करने उतरी जनता ने कहा कि सरकार इतना यह कह दे वे इस मार्ग का मरम्मत नहीं करा सकते, तो पब्लिक चंदा इकट्ठा कर सड़क ठीक करा लेगी ।

मुख्यमंत्री डॉ• हिमंत विश्व शर्मा से अपील की कि मामा उनकी दर्द को समझे । मामा पर अपना भरोसा जताया। मुख्यमंत्री मामा से इस मार्ग को अतिशीघ्र मरम्मत के लिए निवेदन किया। आंदोलनकारी अड़े हुए थे कि जब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो जाता वे विरोध को जारी रखेंगे । पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता जोगबन थाउसंग सिलचर थाना प्रभारी अमृत कुमार सिंह द्वारा समझने बुझाने के बाद लोग मान गए ।

एक जेसीबी को नाले की खुदाई के लिए लगाया गया । मालूम हो कि ग्रीन पार्क सामने तालाब जैसा हो गया है । हमेशा पानी भरा रहता है । नाले का पूरा पानी सड़क पर भर जाता है।  बहुत बड़ा गड्ढा हो गया है। आवागमन में, खासकर रोगियों को, बड़ी कठिनाइयां होती है। सिलचर – मेडिकल कॉलेज रोड एनआईटी, असम विश्वविद्यालय से जोड़ता है । आसपास असंख्य निजी अस्पताल भी है । छात्रों और रोगियों को बड़ी परेशानी होती हैं। स्थानीय लोग भी भुक्तभोगी है । हर दिन जान का खतरा बना रहता है। छोटे वाहनों, विशेष कर टुकटुकी, बाइक व अन्य, को गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं होता, नतीजतन गिर पड़ते हैं। लम्बे समय से शिलचर – एसएमसीएच रोड पुनर्निर्माण के लिए लंबित है। नाला निर्माण तक नहीं हुआ है।

आंदोलन समय आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया गया। एंबुलेंस, रोगियों, पुलिस, सेना और आवश्यक आपूर्ति सेवा को नहीं रोका गया। उल्लेखनीय है कि जनता इस बात को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की कि कुछ दिन पहले वे लोग अपने खर्च से ईंट पत्थर से गड्ढे को भरने का काम किया था, लेकिन सड़क ठेकेदार के लोगों पर ईंट उठा ले जाने का सन्देश किया।

योगेश दुबे 

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