Monday, September 7, 2026

संकटग्रस्त भाषाई समूहों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन 

 

बर्मन दिमासा कछारी सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन ने दिया ज्ञापन 

 

एक महत्वपूर्ण कदम में, बर्मन दिमासा कछारी सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन की उत्तर ब्रह्मपुत्र घाटी समिति ने आज उदालगुड़ी जिले के जिला आयुक्त राहुल जावीर सुरेश, आईएएस को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें असम में संकटग्रस्त भाषाई समूहों के नागरिक और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए तत्काल ध्यान और कार्रवाई की मांग की गई है, जिसमें बर्मन दिमासा कछारी भी शामिल हैं। ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है उनके द्वारा की गई मांग किसलिए महत्वपूर्ण है।

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संस्था के अध्यक्ष मोतीलाल बर्मन, महासचिव अखिल बर्मन और अन्य पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में तमाम बिंदुओं को उजागर किया गया है। इस अवसर पर नृपेंद्र बर्मन, नापुर बर्मन,नरेश बर्मन, सुनील बर्मन आदि की उपस्थिति रही। ज्ञापन की प्रतिलिपि असम के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, बीटीआर के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी सदस्य सहित अन्य अधिकारियों को भेजा गया है।

समुदाय की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान की मान्यता तथा सम्मान, सीमांकन प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व और एक निष्पक्ष व पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चिंताओं और शिकायतों का समाधान करने की अपील की गई है। समिति ने संकटग्रस्त भाषाई समूहों के लिए सरकारी नौकरियों और निर्वाचन क्षेत्रों में 25 प्रतिशत आरक्षण और सीमांकन प्रक्रिया में अग्रणी संगठनों की भागीदारी की मांग की है। श्री कृष्ण रुक्मिणी कलाक्षेत्र की आवाज के साथ मिलकर असम की भाषाई विविधता की सुरक्षा और संरक्षण की मांग कर रही है।

D Dwivedi

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