- राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा 2025 सफलतापूर्वक हुआ संपन्न
हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा 2025 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसके समापन समारोह में अध्यक्ष के रूप में श्री अजय मधुकर जोशी, उप महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (राजभाषा),राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, दिल्ली;मुख्य अतिथि प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग;श्री संतोष वीटी,राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी,राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का सानिध्य प्राप्त हुआ ।

इस कार्यक्रम में राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी श्री संतोष वीटी ने मुख्य वक्ता प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय को स्मृति चिह्न से स्वागत किया । समापन समारोह के अध्यक्ष श्री अजय मधुकर जोशी,उप महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (राजभाषा) ने हिंदी पखवाड़ा के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी लोगों को एक केंद्र सरकार के कर्मचारी होने के नाते सरकारी कार्यों में राजभाषा के कार्यान्वयन की आवश्यकता से अवगत कराया। साथ ही, एनआईसी के सभी सदस्यों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि:-
1. ईमेल हस्ताक्षर द्विभाषी में होना चाहिए।
2. कार्यालय ग्रीन शीट द्विभाषी होनी चाहिए।
3. प्राप्त पत्रों के सभी उत्तर द्विभाषी में होने चाहिए। इस शुभ अवसर पर, केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग के क्षेत्रीय निदेशक, प्रो. पार्थ सारथी पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने उद्बोधन में उन्होंने हिंदी भाषा की वैज्ञानिकता को सभी के समक्ष प्रकट किया । उन्होंने कहा कि हिंदी जन-गण की भाषा है तथा इसका अनुप्रयोग कार्यालयों में भी अधिकाधिक होना चाहिए जिससे कि राजभाषा के रूप में हिंदी के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके ।

उन्होंने श्रीमती रोज़मेरी मैसनम, वैज्ञानिक डी (ओएलआईसी उपाध्यक्ष) और श्री देबोज्योति कर, वैज्ञानिक डी (ओएलआईसी सदस्य) सहित सभी आयोजकों को कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी तथा सभी वैज्ञानिकों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया । इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय के राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, श्री संतोष वीटी ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है और इसके प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है।
उन्होंने सभी से हिंदी को अपने दैनिक जीवन में अपनाने और इसे वैश्विक मंच पर स्थापित करने में योगदान देने का आह्वान किया। राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी ने अपने भाषण में हिंदी पखवाड़ा 2025 में भागीदारी के लिए सभी प्रतिभागियों के समर्थन की सराहना की। राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय के सभी कर्मचारियों ने द्विभाषी हस्ताक्षर किए हैं।
साथ ही, उन्होंने कहा कि हिंदी या द्विभाषी में प्राप्त सभी पत्राचारों का उत्तर द्विभाषी में दिया जा रहा है और ई-ऑफिस नोट फ़ाइल भी यथासंभव द्विभाषा में रखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, मेघालय के सभी अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से राजभाषा के प्रयोग को और बेहतर बनाया जाएगा। पखवाड़े में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं – कविता, श्रुतलेख, गद्यांश वाचन और भाषण का आयोजन किया गया ।
इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा समापन समारोह के दौरान की गई और उन्हें राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, मेघालय और क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम में केंद्र के सभी वैज्ञानिकों ने तन्मयता से प्रतिभाग किया । कार्यक्रम का समापन वैज्ञानिक सी. श्री ऐबन मार्वेन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


