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असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा द्वारा लगातार तीखे हमले पर कांग्रेस भी उल्टे जवाब दिया है। अपनी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘इंटर र्सिवस इंटेलीजेंस’ (आईएसआई) से कथित संबंधों को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार को दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा को डर है कि वह 2026 का विधानसभा चुनाव हार जाएंगे और उनका यही डर हालिया घटनाक्रम की मुख्य वजह है।
डॉ. शर्मा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से कथित संबंधों को लेकर हमला कर रहे हैं। गोगोई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”असम की भाजपा सरकार जांच करा सकती है। हर असमिया व्यक्ति हाल के घटनाक्रम की असली वजह जानता है।” कांग्रेस नेता ने मंगलवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा को डर है कि वह अपना पद खो देंगे और 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें राज्य के लोगों का सामना करना पड़ेगा।
गोगोई ने कहा, डॉ. शर्मा को डर है कि वह अपनी कुर्सी खो देंगे और 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें असम के लोगों के कोप का भाजन बनना पड़ेगा। ”असम पुलिस ने असम और भारत के आंतरिक मामलों के संबंध में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के लिए पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के खिलाफ मामले की जांच के लिए सोमवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। डॉ. शर्मा ने आरोप लगाया था कि गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई ने पाकिस्तान में शेख के साथ काम किया था।
असम मंत्रिमंडल ने रविवार को सांसद या उनकी ब्रिटिश पत्नी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करने का फैसला किया, लेकिन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पाकिस्तानी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि वह पूर्ववर्ती कालियाबोर निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा चुनाव प्रचार में ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद कोलबर्न की भागीदारी की जांच के लिए केंद्र को पत्र लिखेगी। कालियाबोर संसदीय सीट से दो बार कांग्रेस सांसद ने जीत दर्ज की है। शेख पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार और कोलबर्न के पूर्व सहयोगी रहे हैं।
उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। सांसद ने सोमवार को प्रेस वार्ता में दावा किया कि डॉ. शर्मा हर दिन अपना रुख बदल रहे हैं। गोगोई ने दावा किया, ”इससे पहले, मुख्यमंत्री ने उनपर पर हमला किया था और मैं खलनायक था। लेकिन कल से उन्होंने मुझे पीड़ित बना दिया है।” मालूम हो कि डॉ. शर्मा ने रविवार को कहा था कि विपक्षी नेता को बड़ी ”भारत विरोधी” साजिश में ”फंसाया या ब्लैकमेल किया जा सकता है” और उन्होंने उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की थी।
भाजपा नेता ने पिछले सप्ताह इस मुद्दे पर असम के सांसद पर निशाना साधा था और आईएसआई से संबंधों के आरोपों पर जवाब मांगा था। डॉ. शर्मा ने यह भी आरोप लगाया था कि लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने ब्रिटिश नागरिक से विवाह के बाद संसद में संवेदनशील रक्षा मामलों पर सवाल उठाए थे, जिसे विपक्षी नेता ने ”झूठा आरोप” करार दिया। भाजपा ने गोगोई की पत्नी पर पाकिस्तान और पड़ोसी देश की खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ से संबंध रखने का भी आरोप लगाया था, जिसे कांग्रेस नेता ने ”हास्यास्पद” बताकर खारिज कर दिया था।
गोगोई ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में पार्टी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने (पाकिस्तान में) बिरयानी खाई थी और मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था कि यह ”एक सद्भावनापूर्ण अभिव्यक्ति” थी। उन्होंने पूछा, ”2016 में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ‘आईएसआई’ को पठानकोट (आतंकवादी हमले की जांच करने के लिए) आमंत्रित किया था। कुछ साल बाद मध्य प्रदेश में (भाजपा) आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) प्रकोष्ठ के सदस्यों को आईएसआई से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उच्च-स्तरीय सरकारी अधिकारियों के बेटों के पाकिस्तानी नागरिकों के साथ व्यापारिक संबंध हैं। क्या कोई एसआईटी गठित की गई?” साभार – एनबी