शवों की पहचान हेतु उठाए जा रहे कदम
असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो में अवैध खदान में रेस्क्यू टीम ने 44 दिन बाद बुधवार को पांच शवों के बरामदगी के साथ फंसे सभी नौ खनिकों के शव निकाल लिए है। रेस्क्यू टीम के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मालूम हो कि गत 6 जनवरी को दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो में अवैध कोयला खदान में पानी भर जाने से कुल नौ मजदूर फंस गए थे।
आठ जनवरी एक और 11 जनवरी को तीन शव बरामद हुआ था। खदान के अंदर पानी भरे होने की वजह से पांच खनिकों का कोई पता नहीं चल सका था, लेकिन आज बुधवार को रेस्क्यू टीम को बड़ी सफलता मिली। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में कहा कि आज, उमरंगसो खदान से पानी निकालने का काम पूरा हो गया है। शेष 5 खनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें खदान की शाफ्ट से बाहर निकाल लिया गया है। अवशेषों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं असम खान एवं खनिज मंत्री कौशिक राय ने कहा है कि 44 दिनों के अथक प्रयासों के बाद उमरंगसो बचाव दल अभियान को सफलता मिली। पांच शवों की बरामदगी के साथ सभी नौ के शव मिल गए हैं। दुःख की इस घड़ी में सरकार परिजनों के साथ है। परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के लिए प्रयास जारी है। वह असम खदान, उमरंगसो में बचाव अभियान के दौरान उनके अडिग नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा का आभारी है।
दीमा हसाओ जिला प्रशासन, असम पुलिस, भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, वायु सेना, असम राइफल्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एएमडीसी, एएसडीएमए, सीआईएल, जीएसआई, आईआईटी गुवाहाटी, पीएचईडी, डीएचएसी सदस्य, स्थानीय नागरिक समेत उन सभी, बचाव अभियान शामिल, का आभार, जो सहयोग किया। दिमा हसाओ के जिला आयुक्त सीमंता कुमार दास ने बताया कि पिछले 44 दिनों से लापता पांचों मजदूरों के शव बुधवार को एनडीआरएफ, भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों द्वारा बरामद कर लिए गए।
यह सफलता तब मिली जब 300 फीट गहरी खदान में पानी का स्तर घटकर लगभग एक फीट रह गया। हादसे के बाद रेस्क्यू टीम लगातार खदान से पानी निकालने की कोशिश में जुटा हुआ था। खदान में लगभग 100 फीट तक पानी भर गया था, जिससे गोताखोरों के लिए लापता मजदूरों की तलाश करना बेहद मुश्किल हो गया था। दास ने बताया, रेस्क्यू को लगातार जारी था।
मंगलवार को जब एनडीआरएफ के गोताखोर खदान की गहराई में गए तो उन्हें शव नहीं मिल सके। लेकिन जब बुधवार को पानी का स्तर और कम हुआ, तब शवों का पता लगाया जा सका और उन्हें बाहर निकाला गया। शव पूरी तरह सड़ – गल चुके है, उनकी तुरंत शिनाख्त नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम के बाद डीएनए परिक्षण हो सकता है। फ़िलहाल जिन खनिकों के शव मिले है उनके जिलों के आयुक्तों को सूचना भेज दी गई है, ताकि उनके परिजन हॉफलोंग आकर शवों की पहचान कर सके।
उमरांगसो कोयला खदान में निकाले गए 5 मजदूरों के नाम
हुसैन अली (30), जाकिर हुसैन (38), मुस्तफा शेख (44) तीनों असम के दरंग जिले के निवासी, सरपा बर्मन (46) कोकराझार जिले से और संजीत सरकार (35) पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले से के रूप में हुई है।