Friday, October 23, 2026

लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में पीएमएवाई-जी के 4078 परिवारों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण, मंत्री कौशिक राय ने कहा, कांग्रेस शासनकाल में घर की चारदीवारी में सूची बना ली जाती थी, भाजपा सरकार में आवास के लिए नहीं देने पड़ते घूस

कछार जिले में 27,245 परिवारों को लाभ 

लखीपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के 4078 परिवारों के बीच स्वीकृति पत्र वितरण किए गए। लाबक चाय बागान के खेल मैदान में आयोजित समारोह में स्थानीय विधायक तथा प्रदेश के मंत्री कौशिक राय ने हिताधिकारियों के बीच स्वीकृति पत्र सौंपे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा पलासबाड़ी से इसकी शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने पीएमएवाई-जी के 3,88,358 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए।

यहां लखीपुर में आयोजित समारोह में मंत्री कौशिक राय ने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपते हुए कहा, एक समय था जब आवास देने में बड़ी धांधली होती थी। मंत्री राय ने कांग्रेस शासनकाल के समय को याद दिलाया। वर्ष 2014 से पहले कांग्रेस शासनकाल में इंदिरा आवास सूची एक कमरे के अंदर बनता था। ज़रूरतमंद लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता।

लाभार्थियों को पूरा रुपया भी नहीं मिलता था। योजना में आकंठ भ्रष्टाचार था। लखीपुर क्षेत्र में ही बिना घूस दिए घर नहीं मिलता था, लेकिन केंद्र में मोदी और राज्य में डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सरकार में एक रूपया खर्च किए बिना आवास का लाभ मिल रहा। बिचौली प्रथा ख़त्म, अब लाभार्थियों के सीधे अकाउंट में रुपया आ रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से ज़रूरतमंद परिवार लाभान्वित हो रहे है। वितरण में पारदर्शिता रखा जा रहा है।बागानों में ध्यान आकर्षित किया गया है। कांग्रेस शासनकाल में चाय बागानों में श्रमिकों के साथ सही बर्ताव नहीं किया जाता था। आवास समेत विभिन्न योजनाओं से वंचित थे।

मुख्यमंत्री असम के लोगों के विकास और कल्याण के लिए सदैव समर्पित हैं। उनके असाधारण नेतृत्व और दूरदर्शी कदमों के तहत, आज राज्य सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय की दिशा में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

कछार जिले में सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में 27,245  परिवारों को पीएमएवाई-जी का लाभ मिला। सोनाई ने सबसे अधिक (5,519) लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। काटीगोरा (4,954), धोलाई (4,313), लखीपुर (4,078), उधारबंद (3,655), बड़खोला (2,403) और सिलचर (2,323) परिवारों को पत्र सौंपे गए।

योगेश दुबे / चंद्रशेखर ग्वाला

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