Saturday, April 18, 2026

मंत्री कौशिक राय दिमा हासाओ में निर्माणाधीन ईस्ट – वेस्ट कॉरिडोर ( महासड़क ) परियोजना का किया निरीक्षण, अधिकारियों और ठेकेदारों से प्रगति में तेजी लाने पर दिया जोर 

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असम के मंत्री कौशिक राय पर भरोसा किया जाए, तो आगामी वर्ष बराक घाटी की जनता अपने राज्य से होकर गुवाहाटी जा सकते है। सिलचर – सौराष्ट्र ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर अर्थात जिसे महासड़क के रूप में भी जाना जाता है।

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महासड़क का काम जनवरी में संपन्न होने की उम्मीद की जा रही। लंबे समय से यह परियोजना पूर्ण नहीं हो पा रहा है। दिमा हसाओं के हारंगाजाओ से जटिंगा के बीच सड़क जर्जर अवस्था में है।

मौजूदा भाजपा सरकार इस परियोजना पर फोकस किया है, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण परियोजना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बृहस्पतिवार को राज्य के मंत्री कौशिक राय दिमा हासाओ में जटिंगा से हरांगाजाओ सड़क की वर्तमान स्थिति के साथ – साथ निर्माणाधीन ईस्ट – वेस्ट कॉरिडोर ( महासड़क ) प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान दिमा हसाओ जिले के आयुक्त सीमांता दास, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी और ठेकेदार उनके साथ थे। मंत्री ने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की तत्परता और निरंतर निगरानी के कारण जनवरी 2026 से पहले काम पूरा हो जाएगा और उपयोग के लिए तैयार हो जाएगा।

मंत्री अपनी इस यात्रा के दौरान उन चुनौतियों को यह समझने का प्रयास किया, जिसके कारण प्रगति में बाधा आ रही है। संबंधित विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों से बातचीत की और यह निर्देश दिए पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से निर्माणाधीन ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर का काम को पूरा किया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था को और दुरुस्त किया जा सके। मंत्री ने यह बल दिया की कि सड़क ठीक रहे ताकि मार्ग बंद न हो और यातायात बहाल रहे। इसके पूर्व मंत्री हाफलोंग में एक बैठक के दौरान दिमा हसाओ स्वायत्त जिला परिषद के सीईएम देबलाल गार्लोसा के साथ बराक घाटी की संचार प्रणाली पर केंद्रित निम्नलिखित मुद्दे पर चर्चा की। संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

चर्चा का मुख्य बिंदु वर्तमान यातायात की स्थिति और जटिंगा – हारंगाजाओ तक सड़क की व्यवस्था, ईस्ट – वेस्ट कॉरिडोर के प्रगति में तेजी लाने और हॉफलोंग – बदरपुर रेलमार्ग की वर्तमान स्थिति व रेल संचार प्रणाली आदि शामिल था। डीसी, एसपी, एनएचएआई, पूसी रेल अधिकारी व ठेकेदार के प्रतिनिधि उक्त बैठक में मौजूद थे। उल्लेखनीय बराक घाटी और असम के तीन पडोसी राज्य त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के एक बड़े हिस्से की लाइफ लाइन एचएच 6, वाया मेघालय, है।

बरसात के समय भूस्खलन की वजह से एनएच 6 भी कभी – कभी घंटों बंद रहता है। हालही में भारी बारिश हुई थी, तब देखा गया था कि एनएच 6 पर अनेक जगहों पर भूस्खलन हुआ था। लिहाज़ा एक वैकल्पिक मार्ग की बहुत ज़रूरत है। सिलचर – हारांगाजाओ – जटिंगा से होते हुए गुवाहाटी तक जुड़ने के लिए ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर परियोजना का पूरा होना बहुत ज़रूरी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के समय इस परियोजना की नींव रखी गई थी।

योगेश दुबे

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