- डोलू चाय बागान में प्रस्तावित सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट निर्माण के समर्थन में 151 में से 145 ज्ञापन, शांतिपूर्ण से संपन्न हुआ पब्लिक हियरिंग
कछार जिले में प्रस्तावित, सिलचर, डोलू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने की दिशा में एक और कदम प्रशस्त हुआ है। सार्वजनिक सुनवाई में एयरपोर्ट के निर्माण के पक्ष में पलड़ा भारी रहा। आलम यह रहा कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सार्वजनिक सुनवाई बिना किसी झंझट के पूरी हो गई।
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पब्लिक हियरिंग के संबंध में मीडिया को जानकारी साझा करते हुए कछार जिले के आयुक्त मृदुल कुमार यादव
जनसुनवाई में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पक्ष में अधिक समर्थन मिला। विभिन्न संगठनों, चाय उद्योग, यूनियन भी शामिल है, से 32 लोगों ने अपने विचार सुझाव दिए, जिनमें 26 ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास का समर्थन किया। तीन विरोध किया जबकि अन्य तीन ने श्रमिकों के पुनर्वास, मूलभूत सुविधाओं एवं अन्य अन्य विषयों को रेखांकित करते हुए अपनी बात रखी, लेकिन प्रस्तावित एयरपोर्ट का विरोध नहीं किया।
प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण के समर्थन में सौंपे गए 151 ज्ञापन में से 145 इस परियोजना के समर्थन में है। डोलू चाय बागान में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई। किसी प्रकार का कोई विरोध नहीं दिखाई दिया। हालांकि एहतियातन सुरक्षा के कड़े बंदोवस्त किए गए थे। आज हातीचेरा चाय बागान में पर्यावरण, वन और जलवायु से संबंधित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जनसुनवाई हुई।

आज जिला आयुक्त को विभिन्न संगठनों की ओर से 151 ज्ञापन सौंपे गए। इनमें से 145 ज्ञापन एयरपोर्ट बनाने के समर्थन में थे। सुनवाई में विभिन्न दलों और संगठनों के 50 से अधिक लोग मौजूद थे। करीब 95 फीसदी लोगों ने एयरपोर्ट के समर्थन में बात कही। सुनवाई में कछार जिला आयुक्त मृदुल यादव और पर्यावरण नियंत्रण विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस दिन कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता के नेतृत्व में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। उल्लेखनीय है कि पूर्व के अनुभव के कारण बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
हालांकि सुरक्षाकर्मियों को सक्रिय होने की जरूरत नहीं पड़ी। डोलू चाय बागानों की जमीन पर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के पर्यावरणीय प्रभाव पर सोमवार की जनसुनवाई पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और करीब 3 घंटे की सुनवाई में बहुमत ने एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की। सुनवाई के बाद जिला आयुक्त मृदुल यादव ने बताया कि आज विभिन्न संगठनों की ओर से कुल 32 लोगों ने अपनी राय व्यक्त की।

इनमें से 26 लोगों ने सीधे तौर पर एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में, 3 लोगों ने विपक्ष में अपनी राय व्यक्त की। शेष 3 ने उदारवादी रुख अपनाते हुए बागान श्रमिकों के पुनर्वास समेत अन्य सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि उस दिन अपनी राय व्यक्त करने वालों के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। जन सुनवाई की विस्तृत रिपोर्ट अब सरकार के संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। एयरपोर्ट निर्माण से जुड़े विभिन्न एजेंडों को लेकर पिछले दिनों श्रमिकों के विरोध एजेंडों को ध्यान में रखते हुए आज सुनवाई स्थल के आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों तैनात किए गए थे।
हालांकि आज कोई विरोध का एजेंडा नहीं दिखा, लेकिन सुरक्षा गार्डों को सक्रिय होने की जरूरत नहीं पड़ी। यह सब देखकर एक सुरक्षा कर्मियों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आखिरकार मजदूरों को भी यह एहसास हो रहा है कि एयरपोर्ट बनाना कितना जरूरी है। सुरक्षा कर्मियों की बात कितनी वास्तविक है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। हालांकि, आज सुनवाई में अपनी राय रखने गए संगठनों के अधिकांश पदाधिकारियों ने डोलू में एयरपोर्ट बनाने के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड असम द्वारा आयोजित जनसुनवाई निर्धारित समय सुबह 11:30 बजे डोलू बागान से कुछ ही दूर हातीचेरा इलाके में बनदुर्गा मंदिर के बगल में शुरू हुई। जिला आयुक्त मृदुल यादव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड असम के सदस्य सचिव गोकुल भुइयां और अतिरिक्त जिला आयुक्त खालिदा सुल्ताना अस्थायी मंच पर सुनवाई प्राप्त करने के लिए मौजूद थे। सुनवाई शुरू होने के बाद सामाजिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, श्रम और खेल क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने एक के बाद एक अपनी राय व्यक्त करनी शुरू कर दी। घाटी की संचार व्यवस्था के विकास और औद्योगीकरण के लिए एयरपोर्ट बनाने की जरूरत पर सबसे ज्यादा आवाज उठी।
कई लोगों ने इस हवाई अड्डे को जल्द से जल्द लागू करने के महत्व पर जोर दिया। क्षेत्र की सुरक्षा के लिए हवाई अड्डे की आवश्यकता भी सामने आई। हवाई अड्डे के निर्माण से पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के सवाल के आधार पर, कुछ ने यह भी कहा कि जब कुछ बड़ा किया जाता है, तो अन्य क्षेत्रों में कुछ समस्याएं होती हैं। हालांकि, पर्यावरण के सवाल को अन्य जगहों पर पेड़ लगाकर सुलझाया जा सकता है।
कुछ लोगों ने श्रमिकों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक काम जैसी शर्तें रखीं, जिन्होंने अपने घर और नौकरी खो दी। जनसुनवाई के चरण में, लगभग 800 लोगों की उपस्थिति में, 50 से अधिक संगठनों की ओर से 32 लोगों ने अपनी राय व्यक्त की। इनमें से 26 ने डोलू में हवाई अड्डे के निर्माण के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की, जबकि 3 ने विरोध किया। अन्य तीन ने पक्ष में अपनी राय व्यक्त की, हालांकि उन्होंने श्रमिकों के लिए पुनर्वास, रोजगार आदि जैसी शर्तें लगाईं।
योगेश दुबे


