Monday, September 7, 2026

बराक चाय श्रमिक यूनियन और बराक चाय युवा कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में श्रमिक समाज के मेधावी छात्रों का किया गया सम्मान 

  • बतौर मुख्य अतिथि निर्वाचन अधिकारी मासी तप्न, एसीएस, उनकी माता जयंती तप्न के भाषण ने छात्रों को किया प्रेरित 

बराक चाय श्रमिक यूनियन और बराक चाय युवा कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में बराक घाटी के 2025 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक उत्तीर्ण चाय श्रमिक समाज के मेधावी छात्रों के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

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यूनियन के उपाध्यक्ष राधेश्याम कोइरी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कछार निर्वाचन अधिकारी मासी तप्न, एसीएस, उनकी माता जयंती तप्न, डॉ. शुभदीप रॉय चौधरी, डॉ. संतोष रंजन चक्रवर्ती, डॉ. स्वपन शुक्लबैद्य, रश्मि चंदा और डॉ. चंदन दे उपस्थित थे।

यूनियन के उपाध्यक्ष शिवपूजन रविदास, महासचिव राजदीप ग्वाला, सह साधारण संपादक सनातन मिश्रा, रवि नूनिया, खिरोद कर्मकार, बिपुल कुर्मी और बाबुल नारायण कानू, संपादक सुरेश बोडाईक और सह संपादक दुर्गेश कुर्मी, बराक चाय युवा कल्याण समिति के सभापति लालन प्रसाद ग्वाला भी उपस्थित थे। इसके अलावा अनूप वर्मा, देवाशीष कानू, लालन प्रसाद यादव, चौधरी चरण गौड़, शिव सागर गौड़, विजय लाल ग्वाला आदि भी उपस्थित रहे।

यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला ने अपने स्वागत भाषण में सभी का स्वागत किया और छात्रों को शिक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। राजदीप ग्वाला ने अपने संबोधन में मेधावी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यूनियन का उद्देश्य श्रमिक समाज की भलाई और बागानों के छात्रों को शिक्षा हेतु जागरूक करना है। बागानों में पहले से अधिक सुधार हुआ है। बच्चे पढ़ाई का महत्व समझने लगे है। पिछले कुछ वर्षों में चाय बागानों से असंख्य आईएएस, आईपीएस और एमबीबीएस कर नाम रोशन किया है।

चाय बागानों से ताल्लुक रखने वाले बड़े पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं। यूनियन पिछले कुछ वर्षों से प्रत्येक वर्ष चाय के बागानों के मेधावी ( दसवीं, बारहवीं, अन्य क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल कर चुके विद्यार्थियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम करता आ रहा। निर्वाचन अधिकारी मासी तप्न ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ बनने के लिए जीवन में संघर्ष है। छात्रों को सपने बड़े देखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए बाधाओं को पार करना होगा, चुनातियों का सामना करना होगा। शिक्षा के बल पर ही वह अंधेरे से उजाले की तरफ बढ़ सकते है। चाय बागानों से वह भी ताल्लुक रखते है। उनके माता – पिता ने कठिन परिश्रम कर रुपया खर्च कर उन्हें पढ़ाया, तभी जाकर आज वह एक अधिकारी बन पाए। छात्रों से माता – पिता का आदर करने और मोबाइल उपयोग के लाभ व हानि से समझ रखने की सलाह दी।

मासी तप्न की माता जयंती तप्न ने पुराने दिनों को याद किया और कहा कि वह तो चाय बागान में पत्ती तोड़ने का काम करती थी। कष्ट झेले, लेकिन बेटे को शिक्षित किया। आर्थिक संकटों को देखा और अनुभव किया। उनका पुत्र शिक्षा ग्रहण कर अब अधिकारी बन गया। चाय बागान के बच्चों को कहा कि हार नहीं मानना है। दसवीं की परीक्षा में बहुत लोग असफल हो जाते हैं और पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। दूसरी बार, तीसरी बार प्रयास करें, किन्तु पढ़ाई को बंद न करे।

इस कार्यक्रम में, बराक घाटी के विभिन्न चाय बागानों से आए 78 माध्यमिक , 50 उच्चतर माध्यमिक विद्यार्थियों और दो खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। उपरोक्त गणमान्य व्यक्तियों ने अपने भाषणों में छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एक छात्रा राजलक्ष्मी कोइरी ने भी कार्यक्रम में भाषण दिया।कार्यक्रम में कोऑर्डिनेटर उदित चौबे व रवींद्र शील, संगठक राजकुमार कुर्मी, मुन्ना शील, मिथुन तांती, प्रदीप तांती, सुदीप कुर्मी, अशोक कर्मकार, सुचित्र कर्मकार, निर्मल बाउरी एवं शिव चरण रविदास, किशोर रविदास, सुवचन ग्वाला,पन्ना लाल यादव, गोपाल कोइरी, लालन प्रसाद यादव, सुरजीत कर्मकार, जीसु देव, विजय बाउरी आदि उपस्थित थे। लालन प्रसाद ग्वाला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन बाबुल नारायण कानू ने किया। राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई।

योगेश दुबे

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