Sunday, October 18, 2026

दक्षिण असम की प्राचीनतम ऐतिहासिक तीन दिवसीय बरमबाबा मेला 4 नवंबर से हो रहा आरंभ

  • राज्य के दो प्रमुख मंत्री रूपेश ग्वाला और कौशिक राय की विशेष उपस्थिति में होगा मेले का उद्घाटन
  • मंदिर परिसर में नवनिर्मित जगन्नाथ कम्युनिटी हॉल का भी होगा शुभ उद्घाटन 

दक्षिण असम के प्राचीनतम ऐतिहासिक तीन दिवसीय बरमबाबा का मेला 4 नवम्बर मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। बरम बाबा मदिर परिचालना समिति के अध्यक्ष डी एन सिंह ने बताया कि मेले से संबंधित सभी तैयारियां सम्पूर्ण हो गयी है।

4 नवम्बर मंगलवार को सुबह 11 बजे राज्य के श्रम मंत्री रूपेश ग्वाला के कर कमलों से बरमबाबा मेले एवं मन्दिर परिसर में नवनिर्मित जगन्नाथ कम्युनिटी हॉल का शुभ उद्घाटन होगा।

इस अवसर पर राज्य के मत्री कौशिक राय, बराक के तीन सांसद क्रमशः परिमल शुक्लवैद्य, कृपानाथ मल्लाह, कणाद पुरकायस्थ ( राज्यसभा सांसद ), बराक चाय श्रमिक यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला, काछाड़ के आयुक्त मृदुल यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास सहित बराकघाटी के गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

डी एन सिंह ने कहा कि मेले में दुकान प्रतिदिन रात्रि 11 बजे के अन्दर बंद करना पड़ेगा। इसके बाद रात्रि में कमिटी या प्रशासन जिम्मेवारी नहीं लेगी। इस मेला में किसी दुकान या होटल में मछली, माँस, अंडा, मदिरा आदि बेचना मना है। मंदिर के साफ-सफाई, मेला परिसर की सफाई, रंगाई-पुताई सभी कार्य सम्पूर्ण हो गया है।

गत कल शनिवार को समिति की बैठक में चातला मंडल सभापति मानव सिंह, स्थानीय जिला परिषद सदस्य श्रीमती सरस्वती रविदास, शिलकुड़ी, धरमखाल, दुर्गाकोना और भोराखाई जीपी और बागान के सभापतिगण उपस्थित होकर शान्तिपूर्ण तरीके से मेला सम्पन्न करवाने का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि कछार जिले के बड़खोला विधानसभा क्षेत्र के शिलकुड़ी चाय बागान में बरमबाबा मंदिर स्थित है। असम एवं देश के विभिन्न राज्यों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।

बहुत ही जागृत मंदिर के रूप में जाना जाता हैं। बाहर से साधु संत, तांत्रिकों का भी संगम दिखाई देता है। विशेष पूजा पाठ, हवन होता हैं। बरमबाबा का दर्शन पश्चात श्रद्धालु मेले का भी आनंद उठाते हैं।

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