Thursday, October 22, 2026

निर्भीक, निडर, बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्यामधर दुबे का निधन, क्षेत्र एवं समाज में शोक की लहर 

  •   सिलचर के ग्रीन हिल्स अस्पताल में ली अंतिम सांस

निर्भीक,निडर,बहुमुखी प्रतिभा के धनी राजनीतिक समझ और पकड़ के साथ इस क्षेत्र के स्तंभ स्वरूप श्यामधर दुबे जी के अकस्मात निधन से क्षेत्र एवं समाज में शोक की लहर है। श्यामधर दुबे — जिन्होंने अपनी अंतिम सांस 5 नवम्बर 2025 को (पवित्र कार्तिक पूर्णिमा के दिन) सिलचर के ग्रीन हिल्स अस्पताल में ली, असम राज्य के श्रीभूमि जिले के दुल्लवछेरा क्षेत्र के निवासी थे। उनकी आयु 73 वर्ष थी।

उनका राजनीतिक जीवन वर्ष 1978 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात 1984 में वे असम गण परिषद (AGP) से जुड़ गए। वर्ष 1987 में उन्हें करीमगंज जिला महासचिव के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही वे टी गार्डन सेल के संयोजक भी रहे। उनके कार्यकाल के दौरान, विशेष रूप से प्रफुल्ल कुमार महंत के शासनकाल में, उन्होंने राज्य तथा जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। इसके बाद, 1992 में वे दगारबंद ग्राम पंचायत से एक स्वतंत्र आंचलिक पंचायत सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए।

राजनीतिक जीवन के इस चरण के उपरांत उन्होंने पुनः भाजपा में वापसी की। यह वापसी उस समय के मुख्यमंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में हुई, जहां से उन्होंने एक नई यात्रा की शुरुआत केंद्रीय समिति के सदस्य के रूप में की। श्यामधर दुबे का संपूर्ण जीवन जनसेवा और समाज कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने सदैव आम जनता के हितों के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य किया और समाज में एक सम्माननीय स्थान अर्जित किया।

उनके निधन के पश्चात क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया। वह विभिन्न प्रमुख संगठनों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे। असम हिन्दीभाषी ब्राह्मण महासभा, केंद्रीय समिति के सलाहकार थे। इसके अलावा विभिन्न सांगठनिक पदों पर भी वह अपनी सेवा दे चुके हैं। जनता के साथ उनकी सीधी पकड़ थी और सामाजिक गतिविधियों में सक्रीय भूमिका थी।

सांसद श्रीभूमि कृपानाथ मल्लाह ने उनके अंतिम संस्कार में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक व्यक्त करते हुए कहा कि —यह केवल दुबे परिवार की हानि नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से न केवल दुल्लवछेरा के लोग, बल्कि बराक घाटी के विभिन्न हिस्सों के असंख्य लोग शोकाकुल हैं। श्यामधर दुबे की स्मृतियाँ सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेंगी।

न्यूज़ रिपोर्ट – मनीष पांडेय

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