- वह धर्मपरायण और मृदुभाषी स्वभाव के व्यक्ति थे।
सिलचर विमेंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ• सुजीत तिवारी के पूज्य पिता बरथल चाय बागान निवासी हरि नारायण तिवारी जी के निधन से बराक घाटी में शोक की लहर है। मृत्यु के समय उनकी आयु 81 वर्ष थी। अपने पीछे पूरा हरा भरा परिवार छोड़कर चले गए। वह धर्मपरायण और मृदुभाषी स्वभाव के व्यक्ति थे। मालूम हो कि हरि नारायण तिवारी ब्रह्म मुहूर्त 3:36 बजे अंतिम सांस ली।
राज्य के मंत्री कौशिक राय समेत विभिन्न संगठनों, बराक हिंदी साहित्य समिति, असम हिंदीभाषी ब्राह्मण महासभा, ब्रह्मज्योति संस्थान, हिंदीभाषी चाय जनसमुदाय मंच सहित आदि संस्थाओं, ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
मंत्री राय ने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि लखीपुर विधानसभा के बरथल चाय बागान निवासी तथा महिला कॉलेज, सिलचर के प्रधानाचार्य डॉ. सुजीत तिवारी जी के पूज्य पिता श्रद्धेय हरि नारायण तिवारी जी आज अपने जीवन की अंतिम सांस लेकर परमधाम प्रस्थान कर गए। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक-संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
लखीपुर के पूर्व विधायक तथा बराक चाय श्रमिक यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला ने भी संवेदना व्यक्त की है।


