Monday, September 7, 2026

हिंदी प्रेमी व राष्ट्रभाषा विद्यापीठ के सचिव एवं आचार्य देवेश मिश्रा के निधन से छाया समाज में शोक की लहर 

  • विविध संगठनों, गणमान्य व्यक्तियों और पूर्व छात्रों ने जताया दुख

सिलचर शहर की ऐतिहासिक विद्यालय राष्ट्रभाषा विद्यापीठ के संस्थापक स्वर्गीय पंडित दत्तात्रेय के पुत्र देवेश मिश्रा का निधन से समाज में शोक लहर है। उनका हृदय गति रूकने से निधन हो गया। गत कई वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। देवेश मिश्रा राष्ट्रभाषा विद्यापीठ के आचार्य एवं प्रबंधन समिति के सचिव थे। असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति से दशकों तक विभिन्न पदों पर रहकर संघर्ष किया।

71 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी पत्नी गीता मिश्रा पुत्र दीपांकर, पुत्रवधु एक विवाहित बेटी सहित भरापुरा परिवार छोड़ कर चले गए। उनके पुत्र दीपांकर मिश्रा ने मुखाग्नि दी। विगत कई वर्षों से वह राष्ट्रभाषा विद्यापीठ के माध्यम से हिंदी की सेवा कर रहे थे। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों, गणमान्य व्यक्तियों ने दुख प्रकट करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। ईश्वर से आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

बराक हिंदी साहित्य समिति, बराक चाय श्रमिक यूनियन, हिंदीभाषी एवं चाय जनसमुदाय मंच, असम हिंदीभाषी ब्राह्मण महासभा, ब्रह्मज्योति संसथान सहित विविध संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट किया है। उदय शंकर गोस्वामी, महावीर प्रसाद जैन, मूलचंद वैद, धनराज सुराणा, डॉ. सुजीत तिवारी, युगल किशोर त्रिपाठी, प्रदीप कुमार कुर्मी, बाबुल नारायण कानू, मदन सुमित्रा सिंघल, दिलीप कुमार, कंचन सिंह राष्ट्रभाषा विद्यापीठ के पूर्व छात्र मनोज कुमार साह, योगेश दुबे सहित अनेक लोगों ने कहा, इस दुखद घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति दें।

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