- मृतक के परिवार वाले ने पुलिस से की निष्पक्ष जांच की मांग
श्रीभूमि। दहेज की मांग को लेकर लंबे समय से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेल रही एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामला चर्चा का कारण बना हुआ है। घटना श्रीभूमि जिले के राताबाड़ी थाना अंतर्गत इलाके की है। इस घटना को लेकर राताबाडी थाना क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। मृतका के पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों के खिलाफ सुनियोजित हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब चार वर्ष पूर्व राताबाड़ी थाना अंतर्गत बडब्राडी गांव निवासी संतोष मिश्र के साथ कछार जिले के मणियारखाल चाय बागान निवासी जयकुमार मिश्र की पुत्री पूजा मिश्र का सामाजिक विवाह हुआ था। आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही पूजा पर दहेज के लिए लगातार दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर पति और ससुराल के अन्य सदस्य उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। मृतका के परिजनों का दावा है कि लगभग दो वर्ष पूर्व ससुराल पक्ष की बर्बर पिटाई में पूजा गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद उसे मायके ले जाया गया।
करीब दो वर्षों तक वह मायके में ही रही। बाद में ससुराल पक्ष द्वारा समझौता बैठक कर भविष्य में किसी भी प्रकार का अत्याचार न करने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसी भरोसे पूजा को पुनः ससुराल भेजा गया। लेकिन आरोप है कि ससुराल लौटने के कुछ ही दिनों बाद फिर से उस पर अत्याचार शुरू हो गया। नववर्ष 2026 के पहली जनवरी को ससुराल से फोन कर मायके वालों को बताया गया कि पूजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पूजा का शव घर के फर्श पर लिटाया गया है।
शव पर कई चोटों के निशान पाए जाने से संदेह और गहरा गया। परिजनों की शिकायत पर निविया पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि घटना से एक रात पहले पति और ससुराल के सदस्यों ने पूजा को घर के पास स्थित धान के खेत तक खदेड़ कर बेरहमी से पीटा था। इन तमाम तथ्यों के आधार पर मृतका के परिवार का आरोप है कि पूजा की सुनियोजित हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
इस संबंध में मृतका के भाई पवन मिश्र ने दो जनवरी की रात राताबाड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले में जिन आरोपियों के नाम दर्ज किए गए हैं, उनमें पति संतोष मिश्र, ससुर मधुसूदन मिश्र, देवर अमरजीत मिश्र, मनोजित मिश्र, गौरीबाला मिश्र, रिपुसूदन मिश्र और देवजीत मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि इस समाचार के लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मृतका के परिजनों ने निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम भी मृतका के परिजनों की अनुपस्थिति में हुआ है। पुलिस से आग्रह किया गया, निष्पक्ष होकर जांच करें। मृतका के परिवार वालों कई सवाल खड़े किए कि जब पहुंचे तो लाश सुलाकर रखी हुई थी, पुलिस आ चुकी थी। 15/20 मिनट के बाद कोई मैडम आई, उनसे पूछा गया की बॉडी कब किसने उतारी तो उन्होंने बताया की जब परिवार वालों ने देखा तब ओ जिंदा थी और सायद पानी वानी पिलाने के लिए उतरा गया था निविया आउट पोस्ट के ऑफिसर ने एफआईआर लेने से इंकार किया और हफ्ते भर बाद आने को कहा। राताबाड़ी आउट पोस्ट के ओसी के पास एफआईआर दिया गया लेकिन उन्होंने भी 2/3 दिन छानबीन कर अगर घटना सत्य मिलती है तभी मामला दर्ज करने की बात कही।
तीन तारीख को एसपी, श्रीभूमि के माध्यम सीडीएसपी को रिमाइंडर के साथ एफआईआर की कॉपी दी गई, उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है, अभी तक ना ही एफआईआर लिखा गया है ना कोई गिरफ्तारी हुई है। मृतका के परिवार वालों का आरोप है कि ऐसी कौन सी शक्ति है, जो आरोपियों को कानून से बचा रहा।
हालांकि ससुराल पक्ष का क्या कहना है, इस संबंध में पूर्वोत्तर हलचल उनकी भी राय जानने का प्रयास करेगा।


