Monday, September 7, 2026

असम विश्वविद्यालय और विमेंस कॉलेज, सिलचर का ऐतिहासिक समझौता : कौशल आधारित उच्च शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में बड़ा कदम

  • विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत की उपस्थिति में संपन्न इस समारोह को एक “ऐतिहासिक पहल” करार दिया गया।

बराक घाटी में कौशल आधारित उच्च शिक्षा और सामाजिक विकास के नए द्वार खोलने के उद्देश्य से आज असम विश्वविद्यालय, सिलचर और विमेंस कॉलेज, सिलचर के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए ।

इस अवसर पर विमेंस कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुजीत तिवारी और असम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रदोष किरण नाथ ने औपचारिक रूप से समझौते पर हस्ताक्षर किए।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मोहन पंत की उपस्थिति में संपन्न इस समारोह को एक “ऐतिहासिक पहल” करार दिया गया।

कुलपति प्रो. पंत ने कहा— “यह सहयोग न केवल विद्यार्थियों बल्कि कामकाजी लोगों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और कौशल प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। इससे विश्वविद्यालय और समाज के बीच का संबंध और अधिक सुदृढ़ होगा। इस समझौते के तहत विमेंस कॉलेज, सिलचर में फ्रेंच सर्टिफिकेट कोर्स, आईडीसी फ्रेंच तथा प्रतिष्ठित एग्जीक्यूटिव एमबीए (ईएमबीए) कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

यह पहल सिलचर केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की कौशल और व्यावसायिक उन्नति की संभावनाएं लेकर आएगी। डॉ. सुजीत तिवारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा— “विमेंस कॉलेज पहले से ही गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित कार्यक्रमों के संचालन के लिए तैयार है।

इस पहल से सिलचर और आसपास के युवाओं को वास्तविक लाभ मिलेगा।” डॉ. पीके. नाथ ने असम विश्वविद्यालय की कौशल विकास और रोजगारोन्मुख शिक्षा की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा— “यह पहल हमारे उस लक्ष्य की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण है।” कार्यक्रम में प्रो. एच. रमनंद सिंह, प्रो. देबमाल्य घोष, डॉ. दीपज्योति चौधरी, डॉ. नीलांजना चक्रवर्ती (प्रबंधन विभाग) तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुप्रबीर दत्ताराय की उपस्थिति ने इस सहयोग को एक सशक्त शैक्षणिक आधार प्रदान किया।

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