- “जब तक सूरज चांद रहेगा तब तक राजीव नुनिया का नाम रहेगा” के लगे नारे
- सैनिक सम्मान के साथ दी गई अंतिम बिदाई
- कछार डीसी मृदुल यादव और जिले के शीर्ष अधिकारियों ने जम्मू बाढ़ में शहीद हुए बीएसएफ कांस्टेबल को श्रद्धांजलि दी
- बराक हिंदी साहित्य समिति का प्रतिनिधिमंडल परिजन से मिल की संवेदना व्यक्त
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जम्मू – कश्मीर में शहीद हुए राजीव नुनिया की अंतिम बिदाई यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। पैतृक इलाका उधारबंद श्मशान में अंत्येष्टि की गई । तिरंगे में लिपटकर आए पार्थिव शव को पूरे सैनिक सम्मान के साथ विदाई दी गई। बंदूकों की सलामी दी गई।

मालूम हो कि कछार जिला आयुक्त मृदुल यादव, आईएएस ने वरिष्ठ जिला अधिकारियों के साथ, जम्मू में हाल ही में आई अचानक आई बाढ़ के दौरान ड्यूटी करते हुए दुखद रूप से शहीद हुए बीएसएफ कांस्टेबल राजीव नुनिया के पार्थिव शरीर पर एक गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। उधारबंद में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जहाँ जिला आयुक्त ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नुमांल महत्ता, एपीएस; धोलाई के सह-जिला आयुक्त और कछार के अतिरिक्त जिला आयुक्त (डीडीएमए), रक्तिम बरुआ, एसीएस; और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद नायक के सम्मान में एक क्षण का मौन रखा।
अधिकारी तिरंगे में लिपटे ताबूत के चारों ओर एकत्रित हुए और कांस्टेबल नूनिया के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान किया, जिनकी अपने कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण एक प्राकृतिक आपदा में उनकी जान चली गई। इस अवसर पर बोलते हुए, ज़िला आयुक्त मृदुल यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “कॉन्स्टेबल राजीव नुनिया के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को हमेशा गर्व के साथ याद किया जाएगा।

ज़िला प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, सहकर्मियों और पूरी बीएसएफ बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। अधिकारियों और कर्मियों द्वारा अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करते समय माहौल भावुक हो गया, जो अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में भी निस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता को दर्शाता है। अधिकारियों ने दोहराया कि कांस्टेबल नूनिया का बलिदान कर्तव्य के प्रति समर्पण और मातृभूमि के प्रति प्रेम के प्रतीक के रूप में इतिहास में अंकित रहेगा। विभिन्न संगठनों ने भी श्रद्धांजलि दी।

बराक हिंदी साहित्य समिति शहीद जवान राजीव नुनिया के घर पहुंचकर परिवार से मिला और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शहीद नुनिया की आत्मा की शांति की कामना की। समिति के उपाध्यक्ष दुर्गेश कुर्मी, कोषाध्यक्ष सांवरमल काबरा, संयुक्त सचिव युगल किशोर त्रिपाठी, कार्यालय सचिव प्रमोद जायसवाल और प्रचार सचिव योगेश दुबे शहीद जवान के पिता से मिले।
समिति ने इस दुखद पल शहीद जवान के परिजनों के साथ खड़ा है। नई भर्ती हुई थी और बहुत कम उम्र में शहीद हो जाना न कि परिवार के लिए बल्कि देश के लिए भी धक्का है। बहरहाल आम जन भी इस अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। नम आंखों से भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।


