Monday, September 7, 2026

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, प्रकृति के बगैर प्राणी का नहीं है अस्तित्व

 

योगेश दुबे

सोनोवाल ने यह भी कहा, असम विश्वविद्यालय का मान सम्मान कायम रहे, छात्रों का दायित्व

केंद्रीय आयुष, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि प्रकृति के बगैर प्राणी का महत्व नहीं हो सकता। सिर्फ हमारा जीवन ही सुखी न हो। बल्कि मानव समाज के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना भी जरूरी है। ‘प्रकृति प्राणी और पानी प्राण’ के महत्व को समझना होगा । असम विश्वविद्यालय स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा आयोजित सात दिवसीय वार्षिक उत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने उपरोक्त बातें कही।

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम विश्वविद्यालय के छात्रों को क्या दी सलाह 

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा, आज जो भी सामाजिक दायित्व उन्हें मिले हैं, ये सब मां का ही आशीर्वाद है। मां के द्वारा जो भी शिक्षा दी गई, आज तक भी वह उन शिक्षाओं पर ही खड़ा हूं। प्रकृति भी हमारी मां है। प्रकृति के बगैर प्राणी का महत्व नहीं हो सकता। सिर्फ हमारा जीवन ही सुखी न हो। बल्कि मानव समाज के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से उन्हें बहुत लगाव है।

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प्रकृति को नुकसान पहुंचा कर के हम सुखमय जीवन नहीं जी सकते। मानव ने कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए विज्ञान का काफी विस्तार किया है। प्रतिस्पर्धा के दौर में विज्ञान भी जरूरी है। लेकिन इन सबके बीच जरूरी है, मानवीय भावनाओं का जिंदा रहना। मौजूदा समय में ग्लोबल वार्मिंग दुनिया के लिए चिंता का विषय बताया । भावी पीढ़ी के कंधे पर ग्लोबल वार्मिंग के लिए सजगता के साथ प्रकृति को हरा भरा रखने, जल संरक्षण करने और भारत को 21वीं सदी को दुनिया सामने श्रेष्ठ पंक्ति में रखने की जिम्मेदारी है।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल आगे आयुष एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति पर भी अपने विचार रखे। चिकित्सा की आयुष प्रणाली विश्व स्तर पर एक बड़ी भूमिका निभा रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रालय ने विश्व स्तर पर आयुष प्रणाली की ताकत को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए बहुत सारी पहल की है। विश्व में दो लाख करोड़ का व्यापर  उपलब्धि हासिल की।

उन्होंने कहा कि भारत में जो भी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है वह सदियों से चली आ रही है। यह अब मानव जाति की भलाई के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रकार की दवा बन रही है और साथ ही यह समाज के स्वास्थ्य को बहुत ताकत दे रही है। आयुर्वेद के उत्पाद योग और आयुष की एक अन्य प्रणाली ने मानव स्वास्थ्य के संरक्षण और प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए बहुत योगदान दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं दृढ़ता से विश्वास करता हूं कि यह (आयुष चिकित्सा) जिस तरह से अपनी लोकप्रियता हासिल कर रहा है और दुनिया के लोगों के बीच विश्वसनीयता और विश्वास पैदा कर रहा है और वह निकट में विश्वास करता हूं कि भविष्य में यह निश्चित रूप से स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए एक बड़ी भूमिका निभाएगा।

भारत दुनिया को दिशा दिखा रहा। भारत के वैज्ञानिक मानव कल्याण पर तमाम नए शोध और अध्ययन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के छात्रों को ज्ञान अर्जित करने के साथ देश प्रेम की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी। छात्र समाज से असम विश्वविद्यालय की मर्यादा, मान प्रतिष्ठा कायम रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान कई छात्रों ने उनसे सवाल भी किए। मंत्री सोनोवाल ने कहा कि राजनीति ख़राब नहीं है। मानव समाज की सेवा के लिए ईमानदारी और स्वच्छ राजनीति को माध्यम बना सकते हैं।

केंद्रीय आयुष, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि आंदोलन फलस्वरूप असम विश्वविद्यालय मिला है। इस शैक्षणिक संस्थान का मर्यादा बनी रहे। विश्व स्तर पर उपलब्धि हासिल करे यह छात्रों का दायित्व है। छात्र अनुशाशन में रहकर बेहतर शिक्षा ग्रहण कर स्वयं को इस योग्य तैयार करे कि देश उनपर गर्व करें। 

इस अवसर पर सिलचर के सांसद परिमल शुक्लवैद, असम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो• राजीव मोहन पंत, डीन कल्याण संघ से अनिंद्या श्याम चौधरी, असम विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष शुभम राय, महासचिव पार्थ प्रतिम कुर्मी सहित विधायक दीपायन चक्रवर्ती, मिहिर कांति सोम, पूर्व विधायक दिलीप पॉल सहित अन्य की उपस्थिति रही।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पंत ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में अवगत कराया। प्रो. पंत ने कहा कि असम विश्वविद्यालय में शैक्षिक वातावरण और विभिन्न स्तरों पर मिले उपलब्धियों ने गौरव बढ़ाया है। विश्व के टॉप विश्वविद्यालय में शामिल करने के संदर्भ में प्रयासरत है। केंद्रीय मंत्री को भरोसा दिलाया विश्वविद्यालय से जुड़ा हर व्यक्ति समर्पण भाव अच्छे युवा तैयार कर रहे, जो आगे देश का नेतृत्व कर सके।

विश्वविद्यालय अपने परिसर से बाहर निकलकर भी अनेक पहल चला रही हैं। पिछले वर्ष सोनबिल उत्सव का आयोजन किया था। तीन गुना जोश के साथ काम कर रहे हैं। पिछले साल विश्व के दो प्रतिशत वैज्ञानिकों में असम विवि से दो वैज्ञानिक थे, लेकिन इसबार बढ़कर संख्या छह हो गई है। अगले साल 18 वैज्ञानिक सूची में आए यह उम्मीद है। सात दिन के कार्यक्रम में छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर है।

पूर्वोत्तर प्रतिभा से भरा पड़ा है। असम विश्वविद्यालय में एक राष्ट्रिय दृश्य है। अलग देशों और प्रदेशों से छात्र हैं। छात्रों को शुभकामनाएं दी। केंद्रीय मंत्री का उनके बीच आना छात्रों को प्रोत्साहित और मनोबल को बढ़ाया है।  उनके विश्वविद्यालय से अनेक छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रव्यापी उपलब्धि प्राप्त किया है।

सिलचर के सांसद शुक्लवैद ने अपने संबोधन में कहा कि असम विद्यालय उनकी पहचान है। समाज व्यवस्था में शिक्षा का बहुत महत्व है। छात्र संघ के अध्यक्ष शुभम राय स्वागत भाषण और महासचिव पार्थ प्रतिम कुर्मी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।  इस दौरान कई लोगों का सम्मान भी किया गया।

मालूम हो कि अगले सात दिन वार्षिक सामाजिक उत्सव में विभिन्न प्रतियोगिताएं की जाएगी। सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक जुड़ाव और युवा सशक्तिकरण के एक सप्ताह तक चलने वाले उत्सव में छात्रों की भागीदारी होगी।

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