Old Pension Scheme Restoration: पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर असम विश्वविद्यालय नॉन टीचिंग एम्प्लाइज एसोसिएशन ( एयूएनटीईए ) ने आक्रोश मार्च निकाला। असम विश्विद्यालय परिसर में आक्रोश मार्च निकला। मार्च प्रशासनिक भवन तक गई। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। नारे लगाए गए।

नई पेंशन स्किम पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते ओपीएस के बहाली की मांग को दोहराया। पृथ्वीराज ग्वाला ने कहा कि एक देश एक पेंशन निति अपनाया जाना चाहिए। उपरोक्त असोसिएशन के अध्यक्ष साग्निक चौधरी, उपाध्यक्ष पृथ्वीराज ग्वाला, डॉ. पिनाक कांति राय ने कहा कि उन्हें भरोसा है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मांगों को पूरा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार एक अप्रैल 2025 से यूनिफाइड पेंशन योजना को लागू करने जा रही है। बेहतर होता कि सरकार इस योजना की बजाय ओपीएस को बहाल करती। इस यूपीएस के लागू होने से एक राज्य में तीन तीन पेंशन स्कीम वाले कर्मचारी हो जाएंगे। कुछ कर्मचारियों को ओपीएस मिल रही है।
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कुछ को एनपीएस तो अब कुछ को यूपीएस का लाभ देने की तैयारी है। इन तमाम विसंगतियों को सिर्फ ओपीएस के जरिए ही सुधारा जा सकता है, यह कहा गया। यूपीएस में कर्मचारियों से वेतन से कटौती कर अंशदान के रूप में जमा की गयी 10 प्रतिशत राशि को कार्मिकों को वापस नहीं किया जाएगा।
ओपीएस में व्यवस्था है कि जो राशि जीपीएफ में जमा होती थी, वो रिटायरमेंट पर वापस मिलती थी। पहले 20 साल की सेवा पर पेंशन लागू हो जाती थी, इसे अब बढ़ा कर 25 साल किया गया है। इस नियम से अधिकतर कर्मचारी पेंशन से बाहर हो जाएंगे। ग्रेज्युटी का नुकसान अलग होगा। इसके विरोध में आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है।
योगेश दुबे


