- कक्षा आठवीं से बारहवीं तक की लगभग 75 छात्राओं ने इस सत्र में उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया
केंद्रीय विद्यालय ओएनजीसी श्रीकोना द्वारा ओएनजीसी श्रीकोनाके सहयोग से 10 जुलाई 2025 को किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम सह मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण वर्चुअल चिकित्सा जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य किशोरियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना था।
कक्षा आठवीं से बारहवीं तक की लगभग 75 छात्राओं ने इस सत्र में उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में ओएनजीसी श्रीकोनाके चिकित्सा अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनकी सहभागिता ने ओएनजीसी और विद्यालय के बीच छात्र-कल्याण हेतु सहयोग की भावना को और भी सुदृढ़ किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं बॉम्बे मैटरनिटी एंड सर्जिकल हॉस्पिटल, सूरत की सलाहकार चिकित्सक डॉ. सोनिया चंदानी ने मुख्य वक्ता के रूप में वर्चुअल माध्यमसे छात्राओं को संबोधित किया।डॉ. चंदानी स्वयं एक पूर्व केंद्रीय विद्यालय छात्रा रही हैं, जिससे उनका जुड़ाव और भी प्रेरणादायी बन गया।
उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक परिवर्तनों पर अत्यंत संवेदनशीलता और स्पष्टता के साथ विस्तृत चर्चा की।उन्होंनेमाहवारी स्वच्छता, हार्मोनल संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य तथा किशोरावस्था से जुड़े सामान्य स्वास्थ्य विषयों जैसे पीसीओएस, मुंहासे और अनियमित चक्र पर छात्राओं को जागरूक किया। साथ ही,उन्हें संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा भी दी गई।
सत्र की संवादात्मक शैली ने छात्राओं को खुले मन से अपने प्रश्न रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे वे ऐसे कई विषयों पर बात कर सकीं जिन्हें वे सामान्यतः संकोचवश व्यक्त नहीं कर पातीं। छात्राओं की सक्रिय सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा इस सत्र की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता का प्रमाण बनी। सत्र के समापन अवसर पर विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य श्री संदीप कुमार शर्मा द्वारा हृदयस्पर्शी धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कियागया।
उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. चंदानी, ओएनजीसी प्रशासन, तथा आयोजन टीम —जिनमें श्रीमती देविका नौग दत्ता(टीजीटी कार्यअनुभव),श्रीमती शालिनी चटर्जी (पीजीटी अंग्रेज़ी एवं कार्यक्रम संयोजिका),श्रीमती प्रीति (विद्यालय परामर्शदात्री) तथा श्रीमती गीता (तकनीकी सहयोग) शामिल थीं — के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।
प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा —“इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता सत्र केवल जानकारी नहीं देते, बल्कि भावी पीढ़ी को सजग, आत्मबल से युक्त और सशक्त नागरिक के रूप में गढ़ने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध होते हैं।” निस्संदेह, यह सत्र केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर,एक दृष्टिकोण, एक दिशा और एक दायित्व का प्रतीक बना —स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी किशोरियों की ओर बढ़ता हुआ एक प्रेरणादायी कदम।


