- जिला परिषद का गठन 6 अगस्त को होगा।
पंचायत चुनाव के परिणाम आने के दिन से ही जिला परिषद के नए चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चेहरे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। चूँकि यह तय है भाजपा बोर्ड गठन करेगी, तो ऐसे में उपरोक्त दोनों महत्वपूर्ण पदों को लेकर पार्टी के अंदर भी मंथन चल रहा है।
भाजपा अनुशासन वाली पार्टी के रूप में जानी जाती है। लिहाज़ा किन चेहरों को उपरोक्त पदों पर बैठाया जाएगा यह औपचारिक रूप से खुलकर सामने नहीं आ पाता। भाजपा ने अभी तक नामों की घोषणा भी नहीं की है। हालांकि आज कछार भाजपा ने एक बैठक की है। असम के दो मंत्री कौशिक राय, कृष्णेंदु पाल इस बैठक में मौजूद रहे। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष मून स्वर्णकार, कछार भाजपा के अध्यक्ष रूपम साहा, भाजपा विधायक दीपायन चक्रवर्ती भी इस बैठक में हिस्सा लिए। जिला परिषद गठन हेतु नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों,सदस्याओं के साथ चर्चा की।
राजनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने नाम लगभग तय कर लिया है। उचित समय पर घोषणा की जाएगी। सत्तारूढ़ भाजपा दल में इस नाम पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। भाजपा ने चेयरमैन के नाम पर मुहर लगा दी है। जबकि वाइस चेयरमैन पर मंथन जारी है। सूत्र बताते हैं कि बुधवार को सिलचर में हुई एक बैठक में भाजपा नेतृत्व ने कोंकण नारायण सिकदर के नाम पर मुहर लगा दी। चेयरमैन पद के लिए डोलू-बड़खला जिला परिषद सदस्य कोंकण नारायण को चुनने के साथ ही, वाइस चेयरमैन पद के लिए आइरनमारा-सोनाछोड़ा जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र तिवारी का नाम चयन किया जाना सामने आ रहा है।

भाजपा का बोर्ड बनना पहले से तय है, क्योंकि पंचायत चुनाव में जिले की 25 जिला परिषद सीटों में से 16 पर जीत हासिल की है। हालाँकि, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद आरक्षित होंगे या नहीं, इस पर संशय के कारण, पार्टी नेतृत्व यह तय नहीं कर पाया कि इन दोनों पदों पर जीतने वाले जिला परिषद सदस्यों में से किसे नियुक्त किया जाएगा। पिछले सोमवार को गुवाहाटी स्थित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय में राज्य के अन्य जिलों के साथ कछार में इन दोनों पदों के लिए लॉटरी निकाली गई थी।
लॉटरी में दोनों पद “खुली” श्रेणी में रहे। इसके बाद बुधवार को पार्टी नेतृत्व ने सिलचर स्थित भाजपा कार्यालय में बैठक कर अध्यक्ष पद के लिए कोंकण नारायण के नाम पर मुहर लगाई। हालांकि धर्मेंद्र तिवारी का नाम पहले उपाध्यक्ष पद के लिए चुना गया था, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।
जिला परिषद का गठन 6 अगस्त को होगा। इसलिए उससे पहले नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पार्टी पदाधिकारियों ने आज बैठक की। बैठक में पार्टी द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त दो मंत्री कौशिक रॉय और कृष्णेंदु पाल, तीन विधायक दीपायन चक्रवर्ती, मिहिर कांति सोम और निहार रंजन दास, पार्टी की जिला समिति के अध्यक्ष रूपम साहा, दो महासचिव अमिताभ रॉय और गोपाल कांति रॉय और पार्टी के निर्वाचित जिला परिषद सदस्य शामिल हुए।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जब कोंकण नारायण सिकदर और धर्मेंद्र तिवारी के नामों का उल्लेख किया गया, तो किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने कोंकण नारायण सिकदर के नाम पर पक्का फैसला ले लिया, धर्मेंद्र के साथ ज़्यादा कुछ नहीं हुआ। पार्टी के एक सूत्र के अनुसार, हालांकि शुरुआत में उपाध्यक्ष पद के लिए धर्मेंद्र के नाम पर विचार किया गया था, पार्टी नेतृत्व का एक वर्ग चाय समुदाय से किसी को इस पद पर नियुक्त करना चाहता है।

इसलिए, अगर अंतिम समय में धर्मेंद्र की जगह किसी और को इस पद पर नियुक्त किया जाता है, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। संयोग से, कोंकण नारायण सिकदर पार्टी में मंत्री कौशिक रॉय के करीबी माने जाते हैं। उपाध्यक्ष पद पर किसे नियुक्त किया जाएगा, इस पर कुछ संशय था।
हालांकि आज शुरुआत में धर्मेंद्र के नाम पर चर्चा हुई, लेकिन उन पर एक प्रश्नचिह्न बना हुआ है। जिला परिषद सदस्यों ने इस पर उचित फैसला लेने के लिए पार्टी पर छोड़ा हुआ है। एक बात बता दे, भाजपा ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हाँ यह भी सत्य भाजपा का निर्णय सदैव चौकाने वाला आता है।


