लेखक – विधान सिंह
आज सुबह, सुबह पालई चा बागिचा के एलाकाधीन निराथल बस्ती के शिव भक्तों ने भोले भोलेनाथ की नगर परिक्रमा में निकलकर काटाखाल होकर खमपाल (दक्षिण बेकीरपार) स्थित श्रीकृष्ण रुक्मिणी कलाक्षेत्र परिसर में शुभागमन किया। कलाक्षेत्र के अध्यक्ष विधान सिंह ने भगवान शिव के श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर, उन्होंने श्रद्धालुओं को पवित्र रुक्मिणी नदी से जल संग्रह करने के लिए प्रोत्साहित किया और पवित्र रुक्मिणी नदी से शिव भक्तों को पवित्र जल संग्रह में भरपूर सहयोग किया गया। यह जल संग्रह भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
– रुक्मिणी नदी का पौराणिक महत्व: रुक्मिणी नदी में पौराणिक काल में भगवान श्रीकृष्ण और उनकी पत्नी रुक्मिणी ने स्नान किया था, जो लोक परम्परा है। इस नदी का महत्व न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर भी है।
– शिव मंदिर में पुजार्चन :-
पवित्र रुक्मिणी जल संग्रह के बाद श्रद्धालुओं ने कलाक्षेत्र परिसर में शिव मंदिर में सनातनी प्रथा परम्परा के साथ पुजार्चन किया। इस अवसर पर, श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
– प्राचीन शिव मंदिर में पुजार्चन :-
वापसी के समय खमपाल के एक प्राचीन शिव मंदिर में भोले भोलेनाथ का पुजार्चन किया गया। यह मंदिर अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
– प्रमुख शिव भक्त :-
निराथल बस्ती के प्रमुख शिव भक्तों में शामिल थे – दुर्गाचान्द रिकियासन, भानु रिकियासन, अजय रिकियासन, साजन मुण्डा, उपेन मुण्डा और नन्ही-मुन्नी शिव भक्त पार्वती (सेल्फी) रिकियासन प्रमुख।
इन शिव भक्तों ने नगर परिक्रमा और पवित्र रुक्मिणी जल संग्रह में सक्रिय रूप से भाग लिया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
– पवित्र रुक्मिणी नदी का महत्व :-
रुक्मिणी नदी न केवल एक पवित्र जल स्रोत है, बल्कि यह भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के साथ भी जुड़ी हुई है। इस नदी में स्नान करने और पवित्र जल संग्रह करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और पुण्य प्राप्त होता है।
– रुक्मिणी नदी के महत्व के कुछ प्रमुख पहलू :-
– धार्मिक महत्व :-
रुक्मिणी नदी का महत्व धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस नदी में स्नान करने और पवित्र जल संग्रह करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और पुण्य प्राप्त होता है।
– सांस्कृतिक महत्व :-
रुक्मिणी नदी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर भी है। इस नदी का उल्लेख पौराणिक कथाओं और लोक परम्पराओं में मिलता है।
– ऐतिहासिक महत्व :-
रुक्मिणी नदी का ऐतिहासिक महत्व भी है। इस नदी के किनारे कई प्राचीन मंदिर और स्मारक स्थित हैं, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं।
इस प्रकार, रुक्मिणी नदी एक महत्वपूर्ण धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र है।


