Monday, September 7, 2026

पूर्व भाजपा विधायक काली रंजन देव के बेटे कुमारजीत और सेवानिवृत्त वन विभाग अधिकारी मुजीबुर रहमान चौधरी कांग्रेस में हुए शामिल, सोनाई और काटीगोरा क्षेत्र में टिकट की दावेदारी पर अटकलों का बाजार गर्म 

कांग्रेस का दामन थामते हुए मुजीबुर रहमान चौधरी और कुमारजीत देव

पृथ्वीराज प्रभाकर साठे कहा, “कांग्रेस में अब “आउटगोइंग” जैसी कोई चीज नहीं है, सब कुछ “इनकमिंग” है।”

काटीगोरा से तीन बार भाजपा विधायक रहे स्व. काली रंजन देव के बेटे कुमारजीत देव उर्फ मन्ना और सेवानिवृत्त वन विभाग अधिकारी मुजीबुर रहमान चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गए। दोनों सोमवार को सिलचर जिला कांग्रेस कार्यालय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव पृथ्वीराज प्रभाकर साठे की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए। साठे ने यह उम्मीद जताया है कि उनके शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी।

साठे  आगे कहा कि “कांग्रेस में अब “आउटगोइंग” जैसी कोई चीज नहीं है, सब कुछ “इनकमिंग” है।” इसका मतलब यह है कि पार्टी धीरे-धीरे खोई हुई जमीन हासिल कर रही है। वहीं कुमारजीत का कांग्रेस में शामिल होने से काटीगोरा में भी हलचल तेज हो गई। कुमारजीत ने कहा कि भाजपा में पुराने भाजपाइयों का कोई आदर सम्मान नहीं है। उनके पिता काली रंजन देव तीन बार विधायक रहे, लेकिन भाजपा में उनके लिए कोई स्थान नहीं है।

फ़िलहाल विधानसभा क्षेत्र के सीमा परिसीमन के बाद अवकाश प्राप्त वन अधिकारी मुजीबुर के कांग्रेस में शामिल होने से सोनाई क्षेत्र में पार्टी राजनीति में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है, जिसे कछार में कांग्रेस के लिए एकमात्र अनुकूल विधानसभा सीट माना जा रहा है। मुजीबुर रहमान सोमवार को कांग्रेस में शामिल हुए और सोनाई से विधानसभा क्षेत्र के लोगों की शिकायतों को दूर करने की दिशा में काम करेंगे।

मुजीबुर के पार्टी में शामिल होने और सोनाई से टिकट के लिए दावेदारी करने की चर्चा पहले से ही चल रही थी और आज उनके भाषण ने अटकलों को और हवा दे दी है। मणिपुरी मुस्लिम समुदाय के सदस्य मुजीबुर रहमान लखीपुर थाना क्षेत्र के डोलू गांव के निवासी हैं। हालांकि यह क्षेत्र पहले लखीपुर विधानसभा के अंतर्गत था, लेकिन सीमा परिसीमन के बाद अब यह सोनाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आ गया है। मुजीबुर कांग्रेस में शामिल होने के लिए एक बड़े जुलूस के साथ डोलुग्राम से सिलचर पहुंचे।

2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सोनाई में टिकट के दावेदारों के रूप में कई नाम सामने आ चुके हैं। असम विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष अमीनुल हक लस्कर, अख्तर हुसैन बरभुइयां उर्फ अक्का, अंसार हुसैन बरभुइयां उर्फ रिंकूब के साथ एआईयूडी विधायक करीमउद्दीन बरभुइयां उर्फ साजू का नाम भी चर्चा में है। इस बार इस सूची में मुजीबुर रहमान का नाम भी जुड़ गया है। मुजीबुर रहमान के कांग्रेस में आने से पार्टी के भीतर ही हलचल तेज हो गई है। कई ऐसे नेता भी है, जो उन्हें पचा नहीं पा रहे, थोड़ी नाराजगी भी दिखाई दे रही।

हालांकि, मुजीबुर का दावा है कि वह पार्टी के लिए बिल्कुल भी नए नहीं हैं। छात्र जीवन में एनएसयूआई के लिए काम कर चुके है। वह हमेशा कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते रहे हैं। इस बीच, मुजीबुर के साथ-साथ कुमारजीत ने भी आज संकेत दिया है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो वह काटीगोरा से विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि उस पार्टी में पुराने नेता और कार्यकर्ता फिलहाल हाशिए पर आ चुके हैं। अगर हम काम करना चाहते हैं तो यह केवल कांग्रेस में ही हो सकता है। इसलिए वह कांग्रेस में शामिल हो गए।

पार्टी में शामिल होने के बाद मुजीबुर और कुमारजीत पार्टी द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में भी शामिल हुए। इफ्तार पार्टी में साठे के साथ एक ही पंक्ति में पार्टी जिला अध्यक्ष अभिजीत पाल, अमीनुल हक लस्कर, मौलाना अताउर रहमान माझारभुइयां, दो विधायक मिस्बाहुल इस्लाम लस्कर और खलील उद्दीन मजूमदार तथा मुजीबुर रहमान चौधरी बैठे थे। उस समय दूसरी पंक्ति में बैठे अख्तर हुसैन बरभुइयां उर्फ अक्का को कुछ लोगों ने वहां जाकर बैठने को कहा, लेकिन वह नहीं माने।

योगेश दुबे

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