सिलचर में जल निकासी निकासी की समस्या के समाधान के लिए जोरों पर चल रहा है काम, 2026 तक शहर में इस समस्या का 70 से 80 प्रतिशत समाधान हो जाएगा
सिलचर विधायक दीपायन चक्रवर्ती ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में कहा कि दरअसल विपक्ष नहीं चाहती शहर में फ्लाईओवर बने। जिला भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक चक्रवर्ती ने बताया बजट में फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अगले तीन – चार महीने में प्रारंभिक कार्य शुरू हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि फ्लाईओवर का आधारशिला भी मुख्यमंत्री को हाथो होगा। फ्लाईओवर निर्माण, खासकर ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए, एक महत्वपूर्ण योजना है। मुख्यमंत्री स्वयं सिलचर शहर को लेकर गंभीर है। बावजूद विपक्ष कांग्रेस इसको लेकर गलत सूचना फैला रही है। दरअसल कांग्रेस उल्टी-सीधी बातें करके फ्लाईओवर के निर्माण को विफल करने की कोशिश कर रही है। दीपायन ने चेतावनी देते हुए कहा कि हालही में सिलचर कांग्रेस के पदाधिकारियों का एक वर्ग अनावश्यक रूप से मुखर होकर तरह-तरह की बातें कही है। उनके इस तरह से मुखर होने के पीछे का कारण जल्द ही सामने आ जाएगा।
कांग्रेस पदाधिकारियों का एक वर्ग कई अन्य मुद्दों पर भी काफी मुखर है। वे अतार्किक बातें कर रहे हैं। विधायक बोले वह इसका पर्दाफाश करेंगे। कांग्रेस अपनी जमीनी जनाधार खो दी है। जबकि शहर की जनता फ्लाईओवर के निर्माण के पक्ष में है। नागरिक सभा में में 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने इसके पक्ष में सहमति व्यक्त की थी। विधायक चक्रवर्ती बोले सांसद और मंत्री सभी इसको लेकर काफी आशावादी हैं। मंत्री कृष्णेंदु पाल और मंत्री कौशिक रॉय की उपस्थिति में आयोजित एक बैठक में, सिलचर के 99 प्रतिशत निवासियों ने फ्लाईओवर पर सहमति व्यक्त की है, लेकिन सिलचर कांग्रेस के नेता फ्लाईओवर का विरोध कर रहे हैं।
रामनगर से कैपिटल प्वाइंट और कैपिटल प्वाइंट से नेशनल हाइवे मोढ़, चित्तरंजन एवेन्यू तक फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। विधायक ने आगे शहर में नालों के निर्माण के संबंध में बात रखी। उनका मानना था वर्ष 2026 के मार्च तक सिलचर शहर का स्वरूप बदल जाएगा। मीडिया कर्मियों के सवालों के उत्तर में विधायक दीपायन ने कहा कि सिलचर में रंगिरखाल का काम अगले साल तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सिलचर शहर की जल निकासी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा, जिसमें तारापुर शिवबाड़ी रोड के डूब क्षेत्र में एलिवेटर रोड का निर्माण भी शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी अब बिखरी हुई पार्टी बन गई है। इस कांग्रेस पार्टी ने विकास के नाम पर सरकारी विकास फंडों का गबन किया है, लोगों को अंधेरे में रखा है, बिना योजना के काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप सिलचर पीछे रह गया है, लेकिन डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार में प्रगति में तेजी आया है। विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है। विधायक ने कहा कि सिलचर में जमा पानी की निकासी की समस्या के समाधान के लिए वर्तमान में जल निकासी का काम जोरों पर चल रहा है। जिस तरह से काम आगे बढ़ रहा है, उससे उम्मीद है कि मार्च 2026 तक शहर में इस समस्या का 70 से 80 प्रतिशत समाधान हो जाएगा।
इसके बाद उन्होंने इसका संदर्भ देते हुए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि यह पार्टी लंबे समय से राज्य में सत्ता में थी। उस समय सिलचर में काम इतना अनियोजित था कि इससे समस्याओं का पहाड़ खड़ा हो गया। उन्होंने तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान बराक घाटी के लिए हजार करोड़ रुपये के पैकेज का भी जिक्र किया और पूछा, “क्या कांग्रेस पार्टी जवाब देगी कि वह पैकेज कहां गया?” हालाँकि, भाजपा सरकार के दौरान, उनकी पार्टी ने वह सब कुछ किया जो उसे करने के लिए कहा गया था।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि आम लोगों ने उस पार्टी को क्यों खारिज कर दिया। कछार जिला समिति के उपाध्यक्ष अभ्राजीत चक्रवर्ती ने कहा कि कांग्रेसियों ने एक बार महासड़क को महाधब्बा कहा था। अभी ये कांग्रेस के लोग ही हैं जो महासड़क का कितना काम हुआ है, कितना नहीं हुआ है, इसका विस्तार से विश्लेषण करते हैं। क्योंकि महासड़क का काम हुआ है, इसलिए विश्लेषण कर पाते हैं। आगे चलकर कांग्रेसी फ्लाईओवर के सन्दर्भ में ऐसी ही बाते करेंगे। संवाददाता सम्मेलन में भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभ्राजीत उर्फ़ झोलक चक्रवर्ती, सचिव सौमित्र देब, मंडल अध्यक्ष हीरक चौधरी, पिकलू दास, मीडिया प्रभारी देबाशीष सोम आदि उपस्थित थे।
योगेश दुबे


