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बराक श्रमिक यूनियन ने अपने हीरक जयंती समारोह के सफल आयोजन हेतु सहयोगकर्ताओं, प्रतिभागियों, कलाकारों का आभार जताया। यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला एक संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि हीरक जयंती समारोह को सफल आयोजन बनाने में बहुत लोगों की भूमिका रही है। कहा, सामूहिक सहयोग से ही इतना बड़ा कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
बराक घाटी के इतिहास में उनके जानकारी में श्रमिकों का इतना बड़ा समारोह पहला था। बराक घाटी के प्रत्येक चाय बागानों से आए श्रमिकों ने हिस्सा लिया। बागान मालिकों, मैनेजमेंट का भी सहयोग मिला। जिला एवं पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, समारोह के वालियंटर का पूर्ण सहयोग मिला। समारोह में एक कली दो पत्ता नामक एक पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में चाय बागान से जुड़ी बहुत डाटा समाहित है। छह महीने के उनकी विशेष टीम की अथक मेहनत से प्रकाशित हुआ है।
इस दौरान दिवंगत श्रमिक नेताओं सहित प्रत्येक चाय बागानों से एक को सम्मानित किया गया। झुमुर बिनंदिनी कार्यक्रम के प्रतिभागियों का भी सम्मान किया गया। श्रम मंत्री रुपेश ग्वाला और चाय श्रमिक नेता पवन सिंह घटवार का समारोह में उपस्थिति रहना और श्रमिकों के हितों की बात को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण रहा। वहीं मीडिया के सवालों के उत्तर में यूनियन के महासचिव ने समारोह को पूरी तरह से अराजनैतिक बताया। उनका कहना था कि यूनियन किसी राजनैतिक संगठन से प्रभावित नहीं है।
लाबाक खेल मैदान में समारोह करने के पीछे कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं था। बहुत ही सोच विचार के बाद लाबक मैदान को समारोह के लिए अनुकूल और उत्तम स्थान के रूप में तय हुआ था। श्रमिकों का अपार समर्थन मिला। 300 से अधिक कलाकारों ने झुमुर नृत्य किया। सबका सम्मान किया गया। श्रमिक समाज संगठित होने का बड़ा संदेश इस समारोह से दिया। इस अवसर पर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष अजीत सिंह सहित रवि नुनिया, सुरेश बड़ाइक, विपुल कुर्मी, बाबुल नारायण क़ानू, दुर्गेश कुर्मी आदि उपस्थिति रही।


