Monday, September 7, 2026

भारत के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी वक्ता, विचारक पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ आगामी 30 मार्च को आ रहे सिलचर, करेंगे संबोधित 

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भारत के एक प्रसिद्ध राष्ट्रवादी वक्ता, विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ आगामी 30 मार्च को सिलचर आ रहे हैं। सिलचर तथा बराक घाटी की जनता उनके आगमन को लेकर काफी उत्साहित है। वह एक राष्ट्रवादी के रूप में जाने जाते हैं। ज्ञातव्य हो कि हिंदीभाषी चाय जनसमुदाय मंच द्वारा शहर के मेहरपुर, सनसिटी के पास स्थित हंसी खुशी भवन में अपरान्ह चार बजे से पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ का कार्यक्रम रखा गया है।

‘पूर्वोत्तर भारत में सनातन धर्म पर संकट और भविष्य में आगे कैसे बढ़े’ इस बिषय पर वे संबोधित करेंगे। एक प्रेस बिज्ञप्ति में हिंदीभाषी चाय जनसमुदय मंच के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, महासचिव कंचन सिंह ने इसकी जानकारी दी। पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ प्रसिद्ध राष्ट्रवादी वक्ता, विचारक, कार्यकर्ता और सार्वजनिक व्यक्तित्व हैं ।

उनके वक्तव्य श्रोताओं को भारत के इतिहास एवं राजनीति की वास्तविक्ताओं से अवगत कराने के साथ ही उनमे गहरे राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करते हैं। सोये हुए हिन्दुओं को जगाने का काम कर रहे हैं। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं।

वह पाकिस्तान के आज टीवी के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने तीन बार के कार्यकाल के साथ प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के सबसे लंबे समय तक सेवारत महासचिव का रिकॉर्ड भी बनाया है।उन्हें भारत के मीडिया व्यक्तियों के क्लब के प्रमुख के रूप में चुना गया, और कानूनी विरोध के बावजूद उनकी सेवा बहाली की गई।प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में अपने समय के दौरान, उन्होंने मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिए तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा उठाए गए उपायों का विरोध किया।

उन्होंने भारतीय संविधान के विवादास्पद अनुच्छेद 35A और अनुच्छेद 370 के खिलाफ अभियान चलाया। उन्होंने “वी द सिटिजन्स” नामक एक गैर सरकारी संगठन की स्थापना की। उन्होंने संदीप कुलकर्णी के साथ भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अनुच्छेद 35A और अनुच्छेद 370 की वैधता पर सवाल उठाते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की। अगस्त 2019 में, भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया गया। फ़िलहाल हिंदीभाषी चाय जनसमुदाय मंच उनके दौरे को लेकर तैयारियों में जुटा है। अधिक से अधिक लोग उन्हें सुन सके इसकी व्यवस्था की जा रही है।

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