वरिष्ठ पत्रकार दिलवर हुसैन मजूमदार की गिरफ्तारी पर सिलचर प्रेस क्लब ने क्या विरोध प्रदर्शन
वरिष्ठ पत्रकार दिलवर हुसैन मजूमदार की गिरफ्तारी के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन हुआ। गुवाहाटी से लेकर सिलचर तक पत्रकारों ने विरोध दर्ज कराया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। सिलचर प्रेस क्लब के महासचिव शंकर दे के नेतृत्व में पत्रकारों ने मजूमदार की तत्काल रिहाई की मांग की।

शंकर दे ने कहा कि आज कल मीडिया कर्मियों को षड्यंत्र के तहत टारगेट किया जा रहा है। झूठे आरोपों के तहत क़ानूनी दांवपेंच में फंसाया जा रहा है। मीडिया के अधिकारों को कुचला जा रहा है। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार चयन भट्टाचार्य, समिन सेन डेका, मोक्सदुल चौधरी, अरूप नंदी, आहदुल, मृदुला भट्ट्चार्य, अजीत दास, सुरोजीत चक्रवर्ती, भोला नाथ, देवदुलाल मालाकार, बबलू राजभर आदि की उपस्थिति रही।

मालूम हो कि मजूमदार को मंगलवार रात गुवाहाटी में गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि मजूमदार ने असम कोऑपरेटिव एपीएक्स बैंक के प्रबंध निदेशक से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रदर्शन के दौरान सवाल पूछे थे। आरोप है कि इसके बाद मजूमदार को भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2)/3(1)(आर) और एससी/एसटी (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम, 2015 के तहत गिरफ्तार किया गया। उन पर सुरक्षा गार्ड को गाली देने और जातीय शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
मजूमदार की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को गुवाहाटी प्रेस क्लब के बाहर पत्रकारों ने उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया। साथ ही उनके तत्काल रिहाई की मांग की। पुलिस ने पत्रकारों और उनके वकील को पानबाजार पुलिस स्टेशन में प्रवेश से रोक दिया और मजूमदार का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया। हिरासत के दौरान उनके सभी संपर्क भी काट दिए गए थे। गुवाहाटी प्रेस क्लब ने इस घटना की कड़ी निंदा की और मजूमदार की जल्द रिहाई की मांग की।

गुवाहाटी प्रेस क्लब के महासचिव संजय राय ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक पत्रकार को अपने कर्तव्य का पालन करते हुए हिरासत में लिया गया। हम अधिकारियों से प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखने का आग्रह करते हैं। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को मजूमदार बैंक के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे जातीय युवा शक्ति द्वारा किए गए प्रदर्शन को कवर कर रहे थे।
प्रदर्शन के दौरान जब उन्होंने बैंक के प्रबंध निदेशक डंबरू सैकिया से सवाल किए, तो बैंक अधिकारियों ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और गिरफ्तार किया गया। मामले में पुलिस ने कहा कि मजूमदार को धारा 351(2) यूएनएस आर/डब्ल्यू धारा 3(1)(आर) के तहत गिरफ्तार किया गया था, और उन पर सुरक्षा गार्ड को गालियां देने, जातीय शब्द का उपयोग करने, और महत्वपूर्ण दस्तावेज चुराने की कोशिश करने का आरोप है। इधर सिलचर प्रेस क्लब ने भी विरोध प्रदर्शन किया।


