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पूछा, क्या कभी आत्मसमर्पण करने वाले उल्फा सदस्यों ने मांगी है माफ़ी
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस समिति (टीएमसी) की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव मारवाड़ी समाज के पक्ष में खुलकर विचार रखा हैं। उन्होंने कहा कि आज कल मारवाड़ी समाज को अपमान करने का एक ट्रेड बन गया है। किसी एक घटना के लिए पुरे समाज को घसीटा जाता है और बाते सुनाई जाती है। उल्लेखनीय हो कि राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव गत दिनों शिवसागर में घटित एक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते समय यह बाते कही।
सुष्मिता ने क्या कहा ? वीडियो को पूरा सुने
सिलचर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुश्री देव ने कहा कि मारवाड़ी समुदाय के एक सदस्य ने कुछ किया, उसके लिए परिवार के सभी सदस्यों से घुटने के बल क्षमा मांगने के लिए मज़बूर किया गया। राज्य के एक मंत्री के सामने यह सब हुआ। पुरे मारवाड़ी समाज को लज्जित किया गया।
उन्होंने कहा कि उल्फा राज्य का प्रतिबंधित विद्रोही गुट है। उल्फा के जिन सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया, उन्होंने कभी क्षमा मांगा है। अल्फ़ा ने अब तक जाने कितने लोगों के खून बहाया हैं। जघन्य घटना के लिए आत्मसमर्पण करने वाले अल्फ़ा के किसी नेता अथवा कैडर ने कभी भी आज तक माफ़ी मांगी हो, कोई बता दे, यह सवाल किया।
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सुष्मिता देव ने कहा कि वह मारवाड़ी समुदाय के बीच बड़ी हुई है। सिलचर में बहुत वर्ष पहले ‘मुन्ना मजूमदार’ कांड पर हिंसा हुई थी। तत्कालीन जिला उपायुक्त ने घटना को नियंत्रित करने के लिए कर्फ्यू लगाया था। उस समय उनके पिता स्व. संतोष मोहन देव केंद्रीय मंत्री और उनकी माता वीथिका देव विधायक थी। स्व. संतोष मोहन देव ने जिला प्रशासन से कर्फ्यू हटाने के लिए कहा था।
स्व. देव ने कहा था बराक घाटी में सभी समुदाय मिलकर रहने में विश्वास रखता है, इसलिए कर्फ्यू हटाया जाए। आपस में बैठकर बातचीत के माध्यम से शांति लौट आई थी। सुष्मिता ने कहा, तब किसी से भी घुटने बल क्षमा मांगने के लिए नहीं कहा गया था। सुष्मिता ने आगे कि कहा कि राज्य में वर्तमान में जो कुछ चल रहा, सभ्य समाज आश्चर्यचकित है।
Yogesh Dubey


