Monday, September 7, 2026

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शताब्दी समारोह और नवनिर्मित सार्वभौमिक मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में लिया हिस्सा, कहा, श्री रामकृष्ण परमहंस ने हमारी सनातन सभ्यता को किया समृद्ध

  • रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम अस्पताल के लिए की 9 करोड़ रुपये की घोषणा 
  • दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रखी आधारशिला

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा मंगलवार को सिलचर में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शताब्दी समारोह और श्री रामकृष्ण परमहंस देव के नवनिर्मित सार्वभौमिक मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत की। इसके अलावा  मुख्यमंत्री ने सिलचर में दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी ।

26 करोड़ की लागत से बनने जा रहे सिलचर सर्किट हाउस और 24 करोड़ रुपए की लागत की एसएम देव सिविल अस्पताल में 50-बेड वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक परियोजना का आधारशिला रखी। ये परियोजनाएं कछार के लोगों के लिए सुविधाओं और सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसके पहले मुख्यमंत्री डॉ शर्मा सिलचर में तरुण राम फुकन एचएस स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिए। पिछले 50 वर्षों से यह विद्यालय छात्रों के लिए उत्कृष्टता का केंद्र रहा है। फिलहाल सबसे पहले वह  रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के शताब्दी समारोह और श्री रामकृष्ण परमहंस देव के नवनिर्मित सार्वभौमिक मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिए। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि श्री रामकृष्ण परमहंस भारत में पैदा हुए सबसे महान आध्यात्मिक दिग्गजों में से एक थे, जिन्होंने हमारे समाज में गहरा योगदान दिया। डॉ. शर्मा ने कहा कि श्री रामकृष्ण परमहंस ने न केवल हमारी सनातन सभ्यता को समृद्ध किया, बल्कि दुनिया को कालातीत ज्ञान भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन ने एक सार्वभौमिक आध्यात्मिक आंदोलन की शुरुआत की है जो एक सदी से भी अधिक समय से मानवता के आध्यात्मिक नवीनीकरण को बढ़ावा दे रहा है। डॉ. शर्मा ने उल्लेख किया कि रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के मार्गदर्शक सिद्धांत मानवीय प्रयासों की एक विविध श्रृंखला के माध्यम से प्रकट होते हैं, जो मानवीय आवश्यकता और सामाजिक कल्याण के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करते हैं। इन पहलों में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, स्वरोजगार, महिला कल्याण, अंतरधार्मिक संवाद, नैतिक उत्थान, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आपदा राहत शामिल हैं।

श्री रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाएं रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, सिलचर की निस्वार्थ सेवा में सच्ची अभिव्यक्ति पाती हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि एक गौरवशाली इतिहास के साथ, यह संस्थान सेवा और आध्यात्मिकता का एक प्रकाश स्तंभ बन गया है, जो एक सदी से भी अधिक समय से मानवता के उत्थान के अपने मिशन में दृढ़ है। डॉ. शर्मा ने कहा कि इस नेक पहल की नींव 1915 में पड़ी, जब कछार जिला विनाशकारी बाढ़ से तबाह हो गया था। भारी पीड़ा और निराशा के बीच, भिक्षुओं का एक छोटा समूह राहत देने और आशा की किरण जगाने के लिए आया। उनकी निस्वार्थ सेवा ने स्थानीय युवाओं को प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित हस्ती स्वर्गीय कामिनी कुमार चंदा के नेतृत्व में ‘रामकृष्ण सेवा समिति’ का गठन हुआ।

उन्होंने कहा कि 15 फरवरी, 1939 को रामकृष्ण सेवा समिति औपचारिक रूप से रामकृष्ण मिशन, बेलूर मठ से संबद्ध हो गई। इस संबद्धता ने सेवाश्रम को मिशन के आधिकारिक शाखा केंद्र में बदल दिया। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सेवाश्रम की सेवा गतिविधियों ने हजारों लोगों के जीवन को छुआ है और उन पर गहरा प्रभाव डाला है। ग्रामीण कल्याण योजनाओं, मुफ्त कोचिंग सेंटर और मोबाइल चिकित्सा सेवाओं में उनकी पहल ने दूरदराज के क्षेत्रों में अनगिनत व्यक्तियों को राहत पहुंचाई है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री रामकृष्ण परमहंस के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की तथा रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी गणाधीशानंद और संस्था से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. शर्मा ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के अस्पताल (मां शारदा चैरिटेबल डिस्पेंसरी) को 5 करोड़ रुपये तथा सिलचर में श्री रामकृष्ण परमहंसदेव के सार्वभौमिक मंदिर के निर्माण के लिए बकाया ऋण चुकाने के लिए 4 करोड़ रुपये देगी। इस दौरान रामकृष्ण मठ और मिशन, बेलूर मठ, स्वामी गौतमानंदजी महाराज सहित सिलचर सांसद परिमल शुक्लबैद्य, राज्य के मंत्री जयंत मल्लबरुआ, कौशिक राय और कृष्णेंदु पॉल, विधायक दीपायन चक्रवर्ती, मिहिर कांति शोम, निहार रंजन दास, विजय मालाकार आदि की उपस्थिति रही।

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