यूनियन के अध्यक्ष कृपानाथ मल्लाह और महासचिव राजदीप ग्वाला के अगुवाई में आयोजित हुआ भव्य समारोह
बराक चाय श्रमिक यूनियन ने अपना 75वीं वर्षगांठ भव्य रूप से मनाया। लखीपुर के लाबक चाय खेल मैदान में आयोजित समारोह में बराक घाटी की चाय बागानों से भारी संख्या में श्रमिकों की भागीदारी दिखाई दी। ब्रह्मपुत्र घाटी से भी आमंत्रित अतिथियों ने शिरकत की। यूनियन के अध्यक्ष श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मल्लाह, महासचिव राजदीप ग्वाला अगुवाई में आयोजित समारोह में राज्य के श्रम एवं चाय जनजाति कल्याण मामलों के मंत्री रुपेश ग्वाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटवार ने हिस्सा लिया।

इसके अलावा राज्य के पूर्व मंत्री तथा यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष अजीत सिंह, पूर्व विधायक मणिलाल ग्वाला, मशहूर गायक साजन नायक, दुलाल मंकी सहित यूनियन के विभिन्न पदाधिकारी सनातन मिश्रा, रवि नुनिया, बाबुल नारायण कानू, दुर्गेश कुर्मी, रोजकांदी चाय बागान से ईश्वर भाई उभाड़िया, दर्बी चाय बागान से सुशील सिंह, युवा चाय कल्याण संघ के विश्वजीत कोइरी, सचिन साहू, गंगासागर कर्मकार, चौधरी चरण गौड़, अनूप वर्मा सहित आदि की मौजूदगी रही। कार्यक्रम की शुरुआत झण्डोत्तलन से हुआ। दिवंगत श्रमिक नेताओं को याद किया गया।
मंत्री रुपेश ग्वाला ने समारोह को संबोधित करते असम में चाय श्रमिकों के गौरवपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। मंत्री ग्वाला ने कहा कि इस कार्यक्रम में बागान के मालिक लोग भी उपस्थित है। उन्होंने बागान के मालिकों के प्रति अपनी नाराजगी भी व्यक्त की। मालिक पक्ष से चाय बागानों के श्रमिकों की पीड़ा को समझने की अपील की। मंत्री सरकार द्वारा तय मज़दूरी देने की बात कही। उन्होंने कहा यदि मज़दूर वेतन कम मिलेगा और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को सिमित कर दिया जाएगा, यह न्याय सांगत नहीं है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटवार ने कहा कि चाय श्रमिकों ने अपने खून पासिने से चाय उद्योग को खड़ा किया है। श्रमिकों के लिए संघर्षरत यूनियन अपनी जिम्मेदारियों को आगे भी निभाता रहे यह आशा जताया। यूनियन के अध्यक्ष मल्लाह ने आयोजन के संबंध उद्देश्य व्याख्या किया। उन्होंने कई प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला। यूनियन के इतिहास और चाय श्रमिकों के हितों को लेकर उल्लेखनीय भूमिका को रेखांकित किया। महासचिव राजदीप ग्वाला ने प्रतिवेदन पाठ किया। राजदीप ग्वाला ने कहा कि समारोह में श्रमिक समाज की भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया। यूनियन की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने चाय बागान के श्रमिकों का इतिहास व्यक्त करते हुए उनकी मेहनत,लगन और त्याग के बारे में जानकारी दिया। बराक घाटी के सभी चाय बागानों से लोग आए। एक बहुत बड़ा समागम दिखाई दिया। बराक घाटी के इतिहास में किसी अन्य चाय संगठनों द्वारा ऐसा समागम कभी नहीं हुआ। चाय बागानों से माताओं और बहनों की उपस्थिति बहुत अधिक रही। बराक चाय श्रमिक यूनियन की हीरक जयंती समारोह में अमूमन सभी को आमंत्रित किया गया था। जिन्हे नहीं पता था वे सुनने के बाद पहुंचे। चाय बागानों को संगठित कर पाए यह बड़ी ख़ुशी की बात है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा आते तो बहुत अच्छा लगता। चाय बागान के लोगों से संवाद कर पाते। मंत्री रुपेश ग्वाला ने बताया कि मुख्यमंत्री एक विशेष कार्यक्रम के लिए आए थे। आशा करते है फिर कभी कोई कार्यक्रम में उनका सानिध्य प्राप्त होगा। इस अवसर पर एक हज़ार से अधिक लोगों को सम्म्मान किया गया। चाय बागानों के पुरोधाओं को सम्मानित किया गया। आठ विशिष्ट दिवंगत श्रमिक नेताओं को मरणोपरांत सम्मानित किया गया।
लखीपुर के पूर्व विधायक और असम सरकार के पूर्व मंत्री तथा श्रमिक नेता स्व. नेता दिनेश ग्वाला को पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटवार के हाथों मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उनका सम्मान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मनी ग्वाला ने ग्रहण किया। कछार के पूर्व सांसद और वरिष्ठ श्रमिक नेता स्वर्गीय द्वारकानाथ तिवारी का सम्मान उनके परिवार के सदस्यों ने ग्रहण किया। पूर्व विधायक व श्रमिक नेता स्वर्गीय गौरी शंकर राय का सम्मान उनके संतान प्रदीप राय, पुष्पा राय और संजीव राय ने ग्रहण किया।
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ श्रमिक नेता स्वर्गीय जगन्नाथ सिंह का सम्मान उनके पुत्र अजय सिंह ने ग्रहण किया। वरिष्ठ श्रमिक नेता दिवंगत बद्रीनाथ सोनार का सम्मान उनके पुत्र अनूप वर्मा ने ग्रहण किया। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार स्व. सनत कुमार कोइरी का सम्मान उनकी पुत्री पूजा कोइरी ने ग्रहण किया। स्व. भजन लाल बरई का सम्मान उनके पुत्र भास्कर बरई ने ग्रहण किया।
स्वर्गीय राधेश्याम उपाध्याय का सम्मान उनके पुत्र दीपक उपाध्याय को प्रदान किया गया। सम्मान प्रदान करने में पवन सिंह घटवार के अलावा यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला, अध्यक्ष कृपानाथ माला, कार्यकारी अध्यक्ष अजीत सिंह, मुख्य अतिथि रूपेश ग्वाला और अन्य अतिथियों ने भी सहयोग किया। विभिन्न उपलब्धि हासिल कर चुके युवाओं, व्यक्तियों, प्रत्येक बागान के एक महिला या पुरुष को सम्मान किया गया। समारोह में पधारे सभी का पारंपरिक अंग वस्त्र भेंट कर अभिनन्दन व स्वागत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मशहूर गायक साजन नायक, दुलाल मंकी और स्थानीय कलाकारों ने चार चांद लगाया। कार्यक्रम का संचालन बाबुल नारायण कानू ने किया।
योगेश दुबे


