- मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात के बाद से उनकी दावेदारी मानी जा रही मजबूत
पूर्व विधायक तथा बराक चाय श्रमिक यूनियन के महासचिव राजदीप ग्वाला कछार जिले के उधारबंद विधानसभा सीट से चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह मन बना लिया है। उन्होंने उम्मीदवारी की ताल ठोक दी है। राजदीप ग्वाला अपने कई समर्थकों के साथ मंगलवार को भाजपा, कछार इकाई कार्यालय पहुंचे और जिला अध्यक्ष रूपम साहा से मिलकर टिकट की दावेदारी के लिए आवेदन पत्र सौंपा। जिला अध्यक्ष के माध्यम से प्रति प्रदेश अध्यक्ष को भेजी जाएगी।
राजदीप के साथ बराक चाय श्रमिक यूनियन के अन्य कई पदाधिकारी बाबुल नारायण कानू, दुर्गेश कुर्मी भी मौजूद रहे। राजदीप असम के पूर्व मंत्री तथा श्रमिक नेता स्व. दीनेश प्रसाद ग्वाला के पुत्र हैं। राजदीप लखीपुर विशानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके है। असम चाय निगम के चेयरमैन भी रह चुके है। वर्तमान में वह भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी समिति में सदस्य भी हैं। जनता में उनकी गहरी पैठ है। ऐसा कहा जाता है कि उधारबंद क्षेत्र में चाय बागान के मतदाता जीत हार में निर्णायक भूमिका निभाते है।
इस क्षेत्र से द्वारिका नाथ तिवारी, जगरनाथ सिंह, अजीत सिंह और जय प्रकाश तिवारी भी जन प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार राजदीप इस क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी है। हालांकि लखीपुर सीट उनका गृह क्षेत्र रहा है। पहले उनके पिता और उसके बाद वह विधायक रहे। वर्ष 2021 में उन्हें टिकट नहीं मिला। हालांकि टिकट को लेकर कई धारणाएं है। कहा जाता है कि वह लखीपुर से ही चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा प्रकट की थी, पर पार्टी कौशिक राय को उम्मीदवार बनाया और सीट जीता भी । वर्तमान में कौशिक राय असम सरकार में कद्दावर मंत्री है।
भाजपा उस समय उधारबंद सीट से ही राजदीप को टिकट देने का प्रस्ताव दिया था। किंतु राजदीप नहीं लड़े। फिलहाल अंदर की बाते क्या थी, इस बारे में राजदीप और पार्टी ही बता सकती है। यह भी सही है टिकट से वंचित होने के बावजूद राजदीप भाजपा के प्रति अपनी आस्था बनाए रखा । कांग्रेस में वापसी नहीं की । इस महीने के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री अपने सिलचर दौरे के दौरान राजदीप से मिले। बराक चाय श्रमिक यूनियन कार्यालय का अचानक दौरा किया। तभी से राजदीप के चुनाव लड़के की संभावना पर कयास लगाए जाने लगे।
यह भी स्पष्ट हो गया है कि वह उधारबंद से चुनाव लड़ने के लिए विचार बनाकर मैदान में पूरी सक्रियता के साथ नजर आ रहे। पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार बनाएगी या नहीं यह समय पर मालूम पड़ जाएगा, लेकिन राजदीप एक मजबूत दावेदार के रूप में माने जा रहे। राजदीप को राजनीतिक अनुभव, कार्य करने की दक्षता और यूनियन में महासचिव होने के नाते बागानों में उनकी पकड़ बहुत अच्छी है। राजदीप के उम्मीदवार होने से भाजपा को इसका लाभ मिल सकता है।
कछार जिले के उधारबंद विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी करने वालों की संख्या बहुत है। 9 से अधिक लोग इस सीट पर अपनी नजर गड़ाए हुए है। वर्तमान में इस सीट से विधायक मिहिर कांति सोम है। लगातार दो बार विधायक चुने गए। तीसरी बार के लिए प्रयासरत है । इसके अलावा पार्टी के अनगिनत नाम है जो यहां से चुनाव लड़का चाहते हैं, जिसमें सुरेंद्र प्रसाद सिंह, मृदुल मजूमदार, कंचन सिंह कुर्मी, प्रसन्नजीत भट्टाचार्य, मिथुन नाथ सह आदि शामिल हैं।
योगेश दुबे


